बस्ती। यदि आप सरकारी नौकरी कर रहे हैं। आपके पास सात एकड़ से अधिक भूमि अथवा चार पहिया वाहन है। ग्रामीण क्षेत्र में आपकी आय दो लाख व शहरी क्षेत्र में तीन लाख सालाना से अधिक है। बावजूद इसके आपका पात्र गृहस्थी अथवा अंत्योदय योजना के कार्ड धारक हैं तो तत्काल इसे खारिज करा लें। वरना तैयार रहिए आपसे खाद्यान्न की रिकवरी होगी। यही नहीं गंभीर स्थिति में आपके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। इसकी रणनीति आपूर्ति विभाग बना रहा है। कोटेदारों को भी इससे सजग रहने की जरूरत है क्योंकि इसमें उस पर भी गाज गिर सकती है। क्योंकि शासन ने एनएफएसए के तहत गरीबों का खाद्यान्न उन तक पहुंचाने के लिए शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जिले में एनएफएसए के तहत राशन कार्ड बनवाने के दौरान तमाम ऐसे लोगों ने रसूख के बल पर सूची में नाम दर्ज करा लिया जो इसके पात्र हैं ही नहीं। सत्यापन के दौरान यदि ऐसे लोगों का नाम सामने आएगा तो उनसे खाद्यान्न की रिकवरी करने की रणनीति आपूर्ति विभाग बनाने में जुटा है। जिम्मेदारों की मानें तो पात्र गृहस्थी व अंत्योदय राशन कार्ड के लिए कुछ शर्तें हैं। इन शर्तों के पूरा करने वाले ही एनएफएसए के पात्र माने जाएंगे। हालांकि कार्ड बनवाते समय तमाम लोगों ने शर्तों के विपरीत रहने के बावजूद रसूख के दम पर सूची में नाम शामिल करा लिया। इसी के चलते शासन नए सिरे से कार्डों का सत्यापन करा रहा है। सत्यापन के बाद यदि कोई अपात्र सामने आएगा तो उसके खिलाफ रिकवरी के अलावा मुकदमा दर्ज करने की भी कार्रवाई की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र ने कहा कि एनएफएसए गरीबों के थाली को भोजन दिए जाने की योजना है। केंद्र सरकार की इस योजना में श्रेणी तय है। इसके इतर कोई भी इसका पात्र नहीं होगा। शासन ने इस पर शिकंजा कस दिया है। विभाग यह रणनीति बना चुका है। अपात्र स्वयं अपना कार्ड खारिज नहीं कराते हैं तो तय मानिए सत्यापन में कोई भी अपात्र पाया गया तो उससे खाद्यान्न की रिकवरी की जाएगी। यही नहीं कार्ड बनवाने में जिनकी भी जिम्मेदारी पाई जाएगी उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होगा।