उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की ओर से शनिवार को सीडीओ को ज्ञापन दिया गया। जिसमें डीपीआरओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि सफाई कर्मियों से लिपिक का कार्य लिया जा रहा है, उनकी ड्यूटी कार्यालय में सेवा पुस्तिका एंव अंशदाई पेंशन पासबुक को पूरा कराने जैसा अन्य कार्य लिया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया कि कक्षा, छह, सात और आठ पास सफाई कर्मी कैसे लिपिक का कार्य कर सकता है। कहा गया कि जो सफाई कर्मी विभाग के विरुद्घ आवाज उठाता है या फिर समस्याओं को लेकर जाता है, उसे लिपिक का कार्य करवाया जाता है। सवाल करते हुए कहा कि पिछले नौ साल से सफाई कर्मी गांव की सफाई का कार्य कर रहे हैं, अचानक उन्हें झाड़ू छोड़कर कलम थमा दिया जाए तो क्या होगा? कहा गया कि अगर डपीआरओ वाकई सफाई कर्मियों से लिपिक का कार्य लेना चाहते हैं, उन्हें लिपिक के बराबर वेतन भी देना चाहिए। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अजय कुमार वर्मा, मंशाराम चौधरी, घनश्याम शुक्ल, अजय कुमार चौधरी, विलम यादव, शिवपूजन यादव व मो.कलीम सहित अन्य मौजूद रहे।