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आर्थिक रूप से संपन्न होगी नारी तभी निर्णय में बढ़ेगी भागीदारी

Sun, 24 Feb 2019 11:07 PM IST
राकेश पांडेय ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
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अपराजिता कार्यक्रम में महिलाओं को शपथ दिलातीं पालिका अध्यक्ष रूपम मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। घर-परिवार के फैसलों में महिलाओं की भागीदारी तभी बढ़ेगी जब वे आर्थिक रूप से संपन्न होंगी। तभी उनकी सोच को महत्व मिलेगा और वे सही मायने में अपराजिता बनेंगी। ये बातें नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष रूपम मिश्र ने रविवार को अमर उजाला फाउंडेशन के अभियान अपराजिता के तहत चित्रांश क्लब में महिला सशक्तिकरण पर आयोजित परिचर्चा में कहीं।
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मुख्य अतिथि रूपम मिश्र ने कहा कि नारी के प्रति समाज की सोच बदल रही है। हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। शिक्षक अर्चना श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाएं शिक्षित होंगी तभी उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बेटों की तरह बेटियों की शिक्षा पर भी ध्यान दें। हैंडबॉल की राष्ट्रीय खिलाड़ी हिना खातून ने कहा महिलाएं कमजोर नहीं। मुसीबत में वह अकेले ही परिवार को पाल सकती हैं। इस मौके पर अपनी मां का उदाहरण देते समय हिना की आंखें भर आईं। रेखा चित्रगुप्त ने कहा कि आज के समय में घरेलू महिलाओं को भी आय का साधन तलाशना चाहिए। भाजपा महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष संध्या दीक्षित ने कहा कि घरेलू महिलाएं बुटीक, ब्यूटी पार्लर जैसे काम कर परिवार की मदद कर सकती हैं। कार्यक्रम में 46 महिलाओं ने शपथ पत्र भरा।


बदल रही है सोच
- चित्रांश क्लब की सदस्य प्रतिमा श्रीवास्तव ने कहा कि समाज की सोच बदल रही है, लेकिन अभी महिलाओं को उनका पूरा हक नहीं मिल रहा। अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
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बेटियों की शिक्षा पर दें ध्यान
- अंजलि मिश्रा ने कहा कि बेटियों की शिक्षा पर खास ध्यान देने की जरूरत है, जिससे कि वे शिक्षित होकर मनचाही सफलता हासिल कर सकें।

आर्थिक संपन्नता जरूरी
- क्लब की शीला पाठक ने कहा कि बदलते परिवेश में महिलाओं का आर्थिक रूप से संपन्न होना बेहद जरूरी है। ऐसा होने पर ही उनका हौसला बढ़ेगा और वे निर्णय ले सकेंगी।
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