पचपेड़िया मार्ग पर जरा सा चूके तो दुर्घटना तय
चालीस लाख खर्च होने के बाद भी जर्जर है सड़क
1100 मीटर पालिका की सड़क में गड्ढे ही गड्ढे
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। फोरलेन को शहर से जोड़ने वाले पचपेड़िया मार्ग के निर्माण को ग्रहण लगा है। वर्ष भर पहले बनाई गई सड़क का जहां आधा-अधूरा धन शासन ने दिया, वहीं, 40 लाख खर्च होने के बाद भी इसकी दशा सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। नतीजतन, इस मार्ग पर यात्रा में थोड़ी सी चूक जानलेवा हो सकती है।
शहर से फोरलेन तक यात्रा करना जोखिम भरा कार्य है। क्योंकि करीब 1100 मीटर नगर पालिका की इस सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे बन गए हैं। यही नहीं निर्माण के दौरान कुछ कार्य तो कराया गया, मगर कुछ बगैर कार्य कराए ही भुगतान ले लिया गया। शहर से अधिकांश दो व चार पहिया वाहन हाईवे पर जाने के लिए पचपेड़िया मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा इस मार्ग से कई स्कूलों की बसें बच्चों को लेकर आती-जाती हैं। क्योंकि यहां शहर के दो नामचीन स्कूल भी हैं। इन स्कूलों के बच्चे इसी मार्ग पर पैदल, साइकिल व बाइक से आते-जाते हैं। स्थितियों को देखते हुए तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्ता ने पालिका क्षेत्र में पड़ने वाले 1100 मीटर मार्ग निर्माण के लिए 80 लाख रुपये के प्रस्ताव पर मुहर लगाई। शासन ने प्रथम किस्त 40 लाख रुपये तत्काल भेज दिया और कार्य शुरू हो गया। मार्ग पर दोनों ओर नालों का निर्माण के अलावा सड़क बनाने का कार्य शुरू हुआ, मगर गुणवत्ताविहीन कार्य को लेकर नागरिकों ने आपत्ति शुरू कर दी। जांच-पड़ताल के बाद दोबारा निर्माण की रस्म अदायगी संबंधित ठेकेदार ने पूरी कर दी। यही नहीं निर्माण के दौरान यहां करीब सौ मीटर सड़क को बगैर बनाए ही केवल मरम्मत कर भुगतान के लिए फाइल चला दी गई। इसके बाद राजनीतिक दबाव में तत्कालीन अध्यक्ष व पालिका के जिम्मेदारों ने जितना धन आवंटित हुआ था, उसका भुगतान कर दिया। शेष धन के लिए फाइल दौड़ाई गई, मगर अब तक करीब एक वर्ष से ज्यादा का समय बीत गया है, धन उपलब्ध नहीं हो सका है। इस संबंध में प्रभारी अधिशासी अधिकारी इं. घनश्याम श्रीवास्तव कहते हैं कि पचपेड़िया मार्ग के निर्माण पर 80 लाख का प्रस्ताव था, जिसमें से मात्र 40 लाख का भुगतान हुआ है। शेष राशि अब भी अवमुक्त नहीं हुई है। ठेकेदार जब सड़क को ठीक कराए तभी उसके भुगतान की प्रक्रिया होगी। मार्ग निर्माण के लिए व्यवस्था बनाई जाएगी।
शहर के निवासी सर्वेश द्विवेदी कहते हैं कि पचपेड़िया मार्ग से यात्रा करने का मतलब है कि दुर्घटना तय है। क्योंकि सड़क के प्रवेश द्वार से सौ मीटर तक बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जहां बच्चे अक्सर गिर जाते हैं।
मुन्ना चौबे ने कहा कि यहां के हालात अच्छे नहीं है। पालिका ने जो कार्य कराया है वह बेहद घटिया दर्जे का है। ऐसे में इस की जांच कराकर कार्रवाई होनी चाहिए। नागरिक परेशानी झेल रहे हैं।
परमजीत सिंह कहते हैं कि पचपेड़िया मार्ग पर स्थित स्कूल में बच्चे पढ़ते हैं। वहां स्वयं लेकर आते-जाते हैं क्योंकि बच्चों को अकेले इस मार्ग पर भेजना खतरे से खाली नहीं है। हादसे का डर रहता है।
मनीष अग्रवाल कहते हैं कि इस मार्ग का निर्माण जिसने भी किया है और जिसने बिना सत्यापन इसका भुगतान किया उससे वसूली होनी चाहिए। गुणवत्ताविहीन यह सड़क एक वर्ष में ही जर्जर हो गई।
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गांव की सड़क के लिए राज्यपाल से अपील
सामूहिक हस्ताक्षर कर भेजा गया ज्ञापन
जिले में सुनवाई नहीं होने से लोग नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
नगर बाजार। गांव के मुख्य मार्ग के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर उच्चाधिकारियों तक लोगों ने गुहार कि पर सुनवाई नहीं हुई। इससे गुस्साए गांव वालों ने सामूहिक हस्ताक्षर का ज्ञापन राज्यपाल को भेजकर सड़क बनवाने की अपील की है।
मामला बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम भतरिन्हा जोत का है। गांव का मुख्य मार्ग ही बदहाल है। सीसी रोड बनाने के लिए उमेश दुबे, शिव प्रसाद, अनिल दुबे, प्रमोद कुमार दुबे, महेश कुमार, राम यज्ञ, आलोक ने राज्यपाल को सामूहिक हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र शुक्रवार को भेजा। प्रार्थना पत्र में कहा है कि नगर खास ग्राम सभा के भतरिन्हा जोत में सूर्य देव के मकान से शिवयज्ञ के मकान तक 200 मीटर सीसी रोड न बनने से पूरे गांव के लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर ब्लॉक और जिले के अधिकारियों तक प्रार्थना पत्र देकर अपील की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। सड़क बनाने की मांग पिछले 10 साल से की जा रही है। लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसकी वजह से आवागमन की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।