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किसानों ने नहर पंप हाउस पर किया प्रदर्शन

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किसानों ने नहर पंप हाउस पर किया प्रदर्शन
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अयोध्या नहर से पानी न छोड़े जाने पर नाराज हुए किसान
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। क्षेत्र के चौधरी चरण सिंह अयोध्या नहर में पानी न छोड़े जाने से नाराज किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने भौहिया स्थित पंप हाउस पर प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने तत्काल पानी छोड़ने की मांग की। बाद में इससे संबंधित ज्ञापन डीएम को भेजा।
बरसात और घाघरा के जलस्तर बढ़ने से पंप हेड तक पानी पहुंच गया है, मगर नहर विभाग के जेई और पंप ऑपरेटरों के मनमाने रवैया के कारण बरसात में भी नहर सूखी है। इससे धान कि रोपाई और गन्ने की सिंचाई के लिए किसान परेशान हैं। उल्लेखनीय है कि यहां लगभग 165 किमी लंबी विस्तार की नहर से लगभग दो सौ गांवों के बारह सौ हेक्टेयर खेती की सिंचाई की जाती है। इस नहर में घाघरा नदी के सहायक नाला भौसिया स्थित पंप से पानी छोड़ा जाता है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रवीन्द्र सिंह ने ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि नहर विभाग रोस्टर के अनुसार पानी नहीं छोड़ रहा है। कभी लाइन की खराबी या नहर की मरम्मत के नाम पर पंप को बंद कर दिया जाता है। अधिकारियों से कई बार शिकायत के बाद भी पंप नहीं चालू किया जा रहा है। इस मौके पर किसान यूनियन के सर्वजीत सिंह, जनार्दन पाल, रामपाल, मनोज कुमार, ग्राम प्रधान सम्मयदीन, शिवबहादुर, गणेश, राजेंद्र, भगेलू, चैतू, जुगुल, वीपत, जग्गीलाल, पूर्णमासी, शंकर सहित तमाम किसान मौजूद रहे। सहायक अभियंता विक्रांत सिंह ने बताया कि पंप को सप्लाई जाने वाली लाइन में कई स्थानों पर फाल्ट होने से दो दिन से आपूर्ति बाधित थी। लाइनमैन को लगाकर ठीक कराया जा रहा है। इसके अलावा मुख्य नहर शाखा में कलंद्रहा, शंकरपुर, पावड़ गांव में नहर के तटबंधों को अराजक तत्वों ने कई स्थानों पर काट दिया है। मरम्मत कराई जा रही है। जल्द पंप चालू किया जाएगा।
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कैनाल में पानी, फिर भी नहर सूखी
विक्रमजोत। क्षेत्र के भौसिया (कन्हईपुर) में स्थापित चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल नदी मे पानी होने के बाद भी नहीं चल रही। किसान पानी के लिए परेशान हैं। उनका धान बेहन रोपाई के लिए खेतों में सूख रहा है।
उल्लेखनीय है कि यह नहर वर्ष में मात्र तीन महीने ही चलती है, मगर विभागीय लापरवाही से सही ढंग से नहीं चल पाती। औपचारिकता के लिए एक सप्ताह पहले नहर तो चला दिए लेकिन किसान के खेत में आज भी पानी नहीं पहुंच पाया है। धान की रोपाई का समय चल रहा है महंगे दामों पर डीजल लेकर किसान धान की रोपाई करने को मजबूर हैं। सप्ताह में मात्र 29 घंटे ही नहर चली है। उसके बाद बंद हो गई जो अभी नहीं चलाई जा सकी है। पंप नहर के जिम्मेदार जेई जितेंद्र प्रताप की मानें तो नहर चलाने के लिए तीन दिन से विद्युत आपूर्ति नहीं है। ऐसे में पंप नहीं चल सका और नहर में पानी नहीं जा सका। बताया कि इसकी जिम्मेदारी मैकेनिकल इंजीनियर एसजी लाल पर है। उनके संज्ञान में यह मामला है। वह बिजली व्यवस्था ठीक कराने में लगे हैं। किसान कहते हैं कि जब नहर चली भी थी तो पानी नहर तली में ही था कुलाबा तक नहीं पहुंचा, जिसके चलते खेत तक पानी नहीं पहुंचा था। हफ्तों से धान की रोपाई करने के लिए बीज को उखाड़े हैं। बीज सूखने के कगार पर पहुंच गया है। इस बात को लेकर क्षेत्र के किसानों में रोष व्याप्त है। क्षेत्र के राम जनक, राम देव, राधेश्याम, राम कुमार, संतोष कुमार आदि नहर में तत्काल पानी छोड़ने की मांग की है।
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एसडीएम से मिले कटान प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण
ग्रामीणों ने ठोकरों की मरम्मत व गश्त की रखी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। क्षेत्र के घाघरा नदी के कटान और बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित गांव कल्याणपुर, भरथापुर व सहजौरा के दो दर्जन ग्रामीण एसडीएम से मिले।
ग्राम प्रधान संजय यादव के नेतृत्व पहुंचे ग्रामीणों ने एसडीएम को समस्याओं से अवगत कराया। गांव में पुलिस गश्त कराने, गांव के सामने बने ठोकरों की मरम्मत कराने, बाढ़ के दौरान सस्ते दर पर खाद्यान्न व मिट्टी तेल की व्यवस्था कराने की मांग रखी। एसडीएम ने व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। इधर, तहसील सभागार में जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के विशेषज्ञ रंजीत रंजन ने ग्रामीणों को बाढ़ के दौरान होने वाली कठिनाइयों से निपटने के टिप्स दिए। गांव में नाव नाविकों, तैराकों, गोताखोरों और भोजन बनाने वालों की सूची तैयार की। ग्रामीणों को दिशा निर्देश भी दिया। इस मौके पर किसान यूनियन के रामचंदर सिंह, द्वारिकानाथ पांडेय, हेमंत पांडेय, राजबहादुर, घनश्याम पांडेय, उर्वशी, गया प्रसाद कसौधन, कैलाश सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।
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