स्वाइन फ्लू से एक और मौत
महराजगंज। दुबौलिया ब्लॉक के ग्राम फेरसहन में स्वाइन फ्लू से पीड़ित युवक की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज लख़नऊ में मौत हो गई। जिले में इस बीमारी से मौत का यह दूसरा मामला है। जानकारी के बाद मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंच गई। वहां बचाव को लेकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य शिक्षा दी गई।
शहर के पिकौरा बक्श मोहल्ले में 10 अगस्त को स्वाइन फ्लू से 70 वर्षीय वीरेंद्र श्रीवास्तव की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसी क्रम में दुबौलिया ब्लॉक के ग्राम फेरसहन में भी उक्त बीमारी से मौत का मामला सामने आया है। इस गांव के 27 वर्षीय दुर्गेश सोनी को सात अगस्त को सर्दी, जुकाम और बुखार हुआ। दुर्गेश पहले अपना इलाज सीएचसी कप्तानगंज कराए लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो परिवार के लोग बस्ती के एक निजी नर्सिंग होम में ले गए, जहां डॉक्टर ने जांच कराई। इसके बाद डॉक्टर ने स्वाइन फ्लू की आशंका जताई। इस बीच दुर्गेश की हालत और बिगड़ती गई। उसके बाद परिवार के लोगों ने उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लख़नऊ में भर्ती कराया, जहां सोमवार की सुबह मौत हो गई। दुर्गेश सोनी के दोस्त प्रदीप कुमार ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में रविवार को छुट्टी होने से वहॉ पर डॉक्टरों ने भी ठीक ढंग से इलाज नहीं किया। दिनभर वे जांच में उलझाए रहे। इस संबंध में सीएमओ डॉ जेएलएम कुशवाहा ने बताया कि टीम भेजकर रोग से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा।
दुर्गेश की मौत से उजड़ गया कुनबा
महराजगंज।
कप्तानगंज थाने के फेरसहन गांव के दुर्गेश सोनी की स्वाइन फ्लू से मौत के बाद उसका पूरा कुनबा बिखर गया। अब उसके परिवार का कोई खेवनहार नहीं बचा। दुर्गेश सोनी गैस चूल्हे की रिपेयरिंग के सहारे अपने परिवार का गुजारा करता था। वह अपने परिवार का इकलौता कमाऊ सदस्य था। पूरा परिवार काफी दिनों से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
दुर्गेश के पिता बाबूराम की मौत कई साल पहले नाव दुर्घटना में हो गई थी। भूमिहीन होने के नाते दुकान करके ही दुर्गेश अपने परिवार का गुजारा करता था। अपने भाई बहनों में सबसे बड़ा होने के नाते वह इस जिम्मेदारी का वह बखूबी निर्वहन कर रहा था। उसके परिवार में पत्नी किरन 25 वर्ष और तीन वर्ष की बेटी दीपांसी है। पत्नी गर्भवती है। अगले हफ्ते डॉक्टर ने आपरेशन के लिए बताया है। पत्नी और बुजुर्ग मां सुमन बीमार चल रही हैं। 22 वर्षीय भाई भी गंभीर रोग से ग्रसित है। उसका एक हाथ बेकार हो गया है। 18 वर्षीय छोटा भाई उमेश और सबसे छोटी बहन 16 वर्षीय कामिनी पारिवारिक तंगी के चलते पढ़ाई छोड़ चुके हैं।