बस्ती । हक के लिए आंदोलित शिक्षा मित्रों का आंदोलन तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह से ही बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र डीएम कार्यालय पर जुटने लगे और कार्यालय को घेर लिया। नारे बाजी के बाद आक्रोशित शिक्षा मित्रों ने दो सूत्री ज्ञापन डीएम के माध्यम से सीएम को भेजा। इसके बाद शिक्षा मित्रों का काफिला भाजपा कार्यालय की ओर बढ़ा।
भारी संख्या में शिक्षा मित्रों ने कार्यालय का घेराव किया और सांसद या विधायक को बुलाने की मांग करने लगे। इस दौरान एक महिला समायोजित शिक्षक अर्चना श्रीवास्तव बेहोश हो गई। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। शिक्षा मित्रों का आक्रोश देख भाजपा नेता भाग खड़े हुए। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अश्विनी उपाध्याय और जिला मंत्री विजय रंजन त्रिपाठी ने ज्ञापन लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों के साथ है, उनके साथ अन्याय नहीं होने पाएगा। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद शिक्षा मित्रों ने नागपंचमी का पर्व नहीं मनाया। शनिवार को बीएसए कार्यालय के घेराव का निर्णय संयुक्त रूप से लिया गया है। डीएम कार्यालय और भाजपा कार्यालय पर उमड़े शिक्षा मित्रों को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष उदयशंकर शुक्ल ने कहा कि शिक्षक, शिक्षा मित्र अपनी एकजुटता बनाए रखें। पूर्व निर्णय के अनुसार परिषदीय विद्यालय शनिवार तक बंद रहेंगे। उन्होने खण्ड शिक्षा अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर शिक्षकों, शिक्षा मित्रों पर स्कूल खोलने का दबाव बनाया गया तो उनका भी घेराव किया जाएगा। शिक्षक नेता चंद्रिका सिंह, अभय सिंह यादव, आनन्द दूबे, राम विलास चौधरी, सन्तोष भट्ट, वीरेन्द्र शुक्ल, प्रवीण श्रीवास्तव, मुक्तेश्वर यादव, राम पराग चौधरी, विजय बहादुर यादव, सरिता पांडेय, सनद पटेल, मारूफ अहमद आदि ने संबोधित किया। कहा कि केन्द्र और उत्तर प्रदेश सरकार जब तक सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करती तब तक परिषदीय स्कूल बंद रहेंगे और चरणबद्ध ढंग से आंदोलन को जारी रखा जाएगा। तइस मौके पर राघवेंद्र उपाध्याय, रजनीश मिश्र, गिरजेश दूबे, संतोष शुक्ल, प्रदीप दूबे, दिनेश उपाध्याय, संदीप सिंह, प्रदीप चौधरी, राघवेन्द्र सिंह, अशोक सिंह, धर्मेन्द्र पाठक, अश्विनी सिंह, विश्वम्भरनाथ दूबे, कन्हैयालाल भारती, अनन्त पाण्डेय, शिवनाथ चौधरी, राम प्रकाश वर्मा, शिवकुमार चौधरी, सुशीला देवी, सुमन मिश्रा, श्रीकान्त, मीतू श्रीवास्तव, वंदना पाण्डेय, पूनम चौधरी, चन्दा शुक्ल, सुनीता चौधरी, अर्चना वर्मा, नीलम त्रिपाठी, विन्दू यादव, संगीता यादव, मुद्रिका सिंह, अवन्तिका मिश्र सहित अन्य मौजूद रहे।
अभी तक शासन ने नहीं मिले कोई आदेश:बीएसए
आंदोलित शिक्षा मित्रों को लेकर अभी तक शासन की ओर से स्थित को स्पष्ट नहीं किया गया। स्कूल बंद कर धरना देने वाले शिक्षकों सहित अन्य मामलों में क्या कार्रवाई होनी है, इसका निर्देश अभी तक प्रशासन और विभाग को नहीं मिला। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक शासन से कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है।
खाते के संचालन पर लगाई रोक
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आंदोलन को देखते हुए सभी परिषदीय स्कूलों के सभी खातों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। ताकि धन का दुरुपयोग न हो। बताया कि विद्यालय प्रबंधन समिति, एमडीएम, ग्राम शिक्षा निधि सहित अन्य खातों के आहरण पर रोक लगा दी गई। इस मामले में बैंक और अन्य को पत्र जारी हो चुका है।