शिकायतें निस्तारित नहीं तो निलंबन
बस्ती।
वीडियो कांफ्रेंसिंग में शिकायतों के निस्तारण के मामले में मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। फिलहाल, जन शिकायतों के निस्तारण में फिसड्डी रहने वाले जिलों के डीएम और एसपी को ही हिदायत मिली। शिकायतों के निस्तारण में जिले का स्थान 41वें नंबर पर है।
सीएम के तेवर के बाद आनन-फानन स्थानीय स्तर पर एक कार्ययोजना बनाई गई। इसमें पहले चरण में इसे लेकर डीएम की अध्यक्षता में इसी पखवारे में उन विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक होगी, जिनके पास पांच से 18 शिकायतें लंबित हैं। एडीएम भगवान शरण ने बताया कि इस बैठक में सभी अधिकारियों को 30 जून तक निस्तारित मामलों का लेखा-जोखा लाना होगा, जो नहीं लाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया कि कार्रवाई के रूप में वेतन रोकने से लेकर निलंबन की संस्तुति तक हो सकती है। सभी तरह की कुल 15,271 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसमें अब तक 13,880 शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। इस तरह लगभग 92 फीसदी शिकायतों का निस्तारण हो चुका है। शिकायतों का निस्तारण अभियान चलाकर किया जाएगा। हर हाल जुलाई के अंत तक शत-प्रतिशत निस्तारण कर देना है।
कुछ घंटे पहले दी जाएगी कांफ्रेंसिंग की जानकारी
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएम ने स्पष्ट कर दिया कि अब कांफ्रेंसिंग होने की जानकारी पहले से नहीं दी जाएगी बल्कि कुछ ही घंटे पहले दी जाएगी। ताकि अफसरों को तैयार होने का मौका न मिले। जिस तरह कांफ्रेंसिंग के दौरान सीएम शिकायतकर्ताओं से मौके पर ही फोन से जानकारी ले रहे थे। उससे अधिकारी भी सकते में हैं।