सड़कों की जर्जर हालत से वाकिफ मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं में सड़कों को गड्ढा मुक्त करना था। लेकिन जिम्मेदारों ने खिरियहवा सड़क को ध्यान में ही नहीं रखा।
सदर ब्लॉक क्षेत्र के खदरा ग्राम सभा के खिरियहवा के लोगों को उम्मीद थी कि 15 जून के बाद इस सड़क पर चलना आसान हो जाएगा। न तो उनके वाहन आए दिन खराब होंगे और न ही किसी बीमार को अस्पताल पहुंचाने में दिक्कतें आएंगी। लेकिन जिम्मेदारों की उपेक्षा से हालात जस के तस हैं। खदरा से खिरियहवा तक की सड़क करीब 700 मीटर तक ऐसी टूटी है कि गिट्टियां उछल कर दूर पड़ती हैं। बरसात के दिनों में तालाब सरीखे दिखती है। क्षेत्र के दीपक, रामधनी, मुखलाल, संचय, सुनील, धर्मदेव, नन्दलाल समेत तमाम लोगों ने बताया कि यह सड़क विधायक निधि से बनी थी। 10 साल से ज्यादा का समय हो गया आज तक मरम्मत तक नहीं कराई गई जिसके चलते आए दिन वाहनों में गड़बड़ी आती ही है लोग दुुर्घटना के शिकार भी होते हैं। सड़क बनवाने की मांग गांव के लोगों ने कई बार विभाग से लेकर विधायक तक की लेकिन सुनने वाला कोई नहीं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लगा कि अब सड़क चलने लायक बन जाएगी लेकिन वह भी उम्मीद अब खत्म हो रही है।