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वृद्घाश्रम : यहां सब्र में कट रही 65 वृद्घों की रात

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सब्र में कट रही 65 वृद्धों की रात
वृद्धाश्रम : हफ्तों नहीं बदली जाती चादर, मेन्यू से नहीं मिल रहा भोजन
राज प्रकाश
बस्ती। जीवन की सांझ में जहां अपनों का सहारा होता है। वहीं ऐसे भी बदनसीब हैं जो उम्र के आखिरी पड़ाव में बेसहारा हो गए हैं। इन्हें सुरक्षा देने के लिए शासन ने वर्ष 2014 में प्रदेश के कई जिलों में वृद्धाश्रम बनवाया। वृद्धजनों को सुविधाएं मुहैया हों इसके लिए बजट भी आवंटित होने लगा ताकि इनका जीवन आसानी से कट सके। जिले में स्थापित वृद्धाश्रम में लोगों की रात सब्र में कट रही है। क्योंकि यहां अव्यवस्था का बोलबाला है।
मंगलवार को दिन में 11:40 पर शहर के बनकटा स्थित वृद्धाश्रम में पड़ताल के दौरान गेट बंद मिला। आग्रह पर आश्रम के एक कर्मी ने गेट खोला। भीतर जहां परिसर में साफ-सफाई का अभाव दिखा, मैनेजर अम्बिकेश्वर मणि त्रिपाठी के किसी काम से बाहर होने की जानकारी दी गई। सहायक प्रबंधक कृष्ण मोहन उपाध्याय एक कक्ष में मौजूद किसी वृद्ध से बात कर रहे थे। बाकी कर्मी अपने-अपने कार्य में मशगूल थे। आश्रम में मौजूद वृद्धजनों से सुबह के नाश्ते को लेकर पूछने पर पता चला कि उन्हें नाश्ता मिल गया, दोपहर का भोजन बन रहा है। कक्ष में मौजूद पंखे बंद होने की वजह पूछने पर पता चला कि लाइट नहीं है। इस वजह से पंखा नहीं चल रहा है। जबकि मैनेजर के कक्ष में इन्वर्टर से पंखा चल रहा था। कुछ कक्ष तो ऐसे थे, जहां पंखे ही नहीं लगा हुए थे। यहां मौजूद वृद्धों से बात करने पर पता चला कि इन्हें न तो मच्छरदानी दी गई है और न ही गर्मी से निजात के लिए पंखे के इंतजाम किए गए हैं। जल निकासी की व्यवस्था न होने से परिसर में ही गंदा पानी जमा हुआ है। इससे दुर्गंध भी उठ रही है। वृद्धों को जो बिस्तर दिए गए हैं, उसे देखने से ऐसा लग रहा था मानों कई हफ्तों से इनकी चादर तक नहीं बदली गई है। आश्रम में ही मौजूद एक वृद्ध महिला जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही है, वह इस काबिल भी नहीं है कि चल-फिर सके। रसोई घर के भीतर सोयाबीन की सब्जी, चावल व रोटी बन रही थी। इसी बीच दोपहर 12 बजे भोजन के लिए घंटी बजी। कुछ वृद्ध महिलाओं ने अपनी थाली धुली कुछ गंदी ही आगे कर रही थीं। उन्हें जैसे-तैसे भोजन परोसा जा रहा था। एक वृद्ध ने धीरे से कहा आज आप आएं हैं तो दाल और सब्जी अच्छी मिली है, बाकी दिन तो फीकी से ही काम चलता है। मंगलवार होने की वजह से यहां दोपहर के भोजन में राजमा सब्जी, चावल, रोटी, सलाद मिलना चाहिए था, लेकिन यहां मेन्यू के हिसाब से भोजन नहीं दिया जा रहा है। वृद्धों को सोयाबीन की सब्जी, रोटी और चावल परोसा गया था।
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प्रबंधक की सुनिए
वृद्धाश्रम में मौजूद सुविधाओं को लेकर प्रबंधक अम्बिकेश्वर मणि त्रिपाठी कहते हैं कि सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है। कहीं कोई कमी है तो उसे सुधारने का प्रयास किया जाएगा। बताया कि आश्रम में 36 वृद्ध माताएं व 29 पुरुष मौजूद हैं। कहते हैं कि इनके रहने के लिए 12 कक्ष बने हुए हैं।
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समाजकल्याण अधिकारी बोले
जिला समाज कल्याण अधिकारी उदय नाराण कहते हैं कि हाल ही में उनके द्वारा निरीक्षण किया गया था, व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। पुन: जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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