होली में सावधानी से करें खरीददारी
खाद्य सुरक्षा टीम की जांच में पांच नमूने मिले फेल
मिलावटी खोवा बिगाड़ सकते हैं आपका स्वास्थ्य
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। होली देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों में लोग आपसी भाईचारे के साथ मनाते हैं। रंगों और गुलाल से जहां हर मुखड़ा रंगीन हो जाता है, वहीं कई तरह की मिठाइयां व पकवान पर्व की खुशियों में मिठास भर देती हैं। इस पर्व पर लोग खाद्य सामग्रियों की भी खूब खरीदारी करते हैं। इसी का फायदा उठाते हैं मिलावटखोर। जो मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आते हैं। खास तौर पर खोवा, तेल व नमकीन को सावधानी से खरीदें क्योंकि इनमें मिलावट ज्यादा होती है।
जिले में खाद्य सुरक्षा की टीम ने मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए एक मार्च से अभियान चला रही है। जिसमें पांच खाद्य पदार्थों के नमूने फेल पाए गए। अब आप ही सोचें कि किस तरह से मिलावटखोर अपने मुनाफे के लिए आपकी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। यही नहीं जिनके नमूने फेल मिले हैं उसमें बेसन, नमकीन, बर्फी, करांची हलवा शामिल हैं। हालांकि, शासन की ओर से मिलावट को लेकर जिन जिलों को चिह्नित किया गया है, उनमें बस्ती का नाम शामिल नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है कि यहां मिलावटी खोवा नहीं बिक रहा है। रोडवेज स्थित खोवा मंडी में 220 रुपये प्रति किलो से लेकर 300 रुपये किलो तक खोवा मिल रहा है। यदि मिलावट नहीं है तो अलग-अलग रेट पर खोवा कैसे बेचे जा रहे हैं।
इन जिलों में होती है मिलावट
शासन की ओर से खोवा में मिलावट को लेकर जिन जिलों को चिह्नित किया गया है, उनमें कानपुर देहात, बागपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, झांसी, जालोन, हरदोई, उन्नाव, गोंडा, अम्बेडकरनगर, जौनपुर, देवरिया, गाजीपुर के नाम शामिल हैं। वहीं, तेल में मिलावट को लेकर आगरा, कानपुर, हापुड़, मेरठ, मथुरा, अलीगढ़, बनारस, गोरखपुर, कानपुर देहात को चिह्नित किया गया है। इसी तरह नमकीन में मिलावट को लेकर कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, हाथरस, सहारनपुर, लखनऊ, बाराबंकी जिले के नाम शामिल हैं।
अधिकारी की सुनिए
अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव ने कहा कि होली पर्व को लेकर एक मार्च से विशेष अभियान चलाकर खाद्य सामग्रियों की चेकिंग की गई। बताया कि सात मार्च को नारायनपुर जिनवा स्थित दुकानदार भगवती प्रसाद के यहां से बेसन का नमूना, सल्टौआ के हनुमान प्रसाद की दुकान से नमकीन का नमूना, गौर के हनुमान प्रसाद की दुकान से बेसन, वाल्टरगंज के भिरिया चौराहा स्थित राजेश चंद्र की दुकान से बर्फी, गौर के विमल कुमार की दुकान से करांची हलुआ का नमूना लेकर जांच के लिए सात मार्च को लैब भेजा गया था, जहां पांचों खाद्य सामग्रियों के नमूने फेल पाए गए। बताते हैं कि इनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस तरह करें मिलावटी खोवे की पहचान
अभिहित अधिकारी बताते हैं कि हथेली पर खोवा को रगड़कर उसमें मिलावट की आसानी से पहचान कर सकते हैं। असली खोवा रगड़ के बाद चिकनाई के रूप में देसी घी की तरह महक छोड़ता है। वहीं, खाने पर असली खोवा मुंह में चिपकता नहीं है। इसके अलावा नकली खोवे में अजीब तरह की गंध आती है। इसी तरह दूसरी प्रक्रिया अपनाकर भी खोवे में मिलावट को परखा जा सकता है। थोड़े से फीके खोवे में टिंचर आयोडिन डालनी होगी। इसकी एक बूंद डालते ही नकली खोवे का रंग बदलकर काला या नीला हो जाएगा। मिलावट न होने पर खोवे का रंग लाल रहेगा। टिंचर आयोडिन मेडिकल स्टोर से 10 या 12 रुपये में मिल जाएगी।
उड़े रंग गुलाल, बच्चों ने मचाया धामाल
गले मिल दी होली की बधाई
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। होली पर्व पर शहर के विभिन्न स्कूलों में बच्चों ने जमकर धमाल मचाया। और एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।
दी सिटी मांटेसरी स्कूल में शिक्षक व बच्चों ने अबीर, गुलाल व फूलों की होली खेली। प्रधानाचार्य नूपुर त्रिपाठी ने कहा कि होली का त्योहार आपसी भाईचारे का पर्व है। भेद-भाव मिटाकर सबको एक सूत्र में पिरोने का कार्य करती है होली। प्रबंधक अनूप खरे ने कहा कि हानिकारक व रासायनिक रंगों से दूर रहकर होली का आनंद उठाए।
इस दौरान कोऑर्डिनेटर आशुतोष पांडेय, पूजा श्रीवास्तव, श्रीराम यादव, गरिमा त्रिपाठी, प्रदीप शुक्ला, अवनी मिश्रा, शैलेंद्र मिश्रा, बृजेश यादव, वसीम अकरम, सुषमा श्रीवास्तव, पंकज पांडेय आदि मौजूद रही। आरसीसी पब्लिक स्कूल में भी बच्चों ने जमकर होली खेली। निदेशक शैलेश चौधरी ने होली की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए होलिका व प्रहलाद की कहानी को बच्चों को सुनाई। इस दौरान जीसी चौधरी, राज शुक्ला, एसएन उपाध्याय, उदय राम यादव, विरेंद्र वर्मा, विजय प्रकाश चौधरी आदि मौजूद रहे। श्रीनेत ग्लोबल स्कूल में भी बच्चों ने एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी। इस दौरान संस्थापक उदयनरायन सिंह, संगीता सिंह, राम प्रताप सिंह, एसपी पांडेय, केएन, सत्येंद्र पांडेय, बददू खान, मदन गोपाल पाठक, अमृता, शगुफ्ता आदि मौजूद रहीं।
कलर स्मॉग की धूम, इस बार होली पर फूटेंगे पटाखे
कलर पटाखों की बहार, सज गए रंगों से बाजार
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। होली की धूम नजर आने लगी है। बाजार में जगह-जगह रंग, अबीर गुलाल व होली खेलने के लिए तरह-तरह के संसाधन इस बार नजर आ रहे हैं। बाजार होली की खुमार में डूबने लगा है। बाजारों में भीड़ भी उमड़ रही है। इस बार बाजार में कलर स्मॉग की धूम है। क्योंकि अब तक दीपावली में ही पटाखे फूटते थे, मगर इस बार की होली में भी पटाखे फूटेंगे। कलर स्मॉग के नाम से प्रचलित इस रंग बिरंगे पटाखे में दगते ही गुलाल उड़ेंगे।
बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार होली का त्योहार अब करीब है। बुधवार को होलिका दहन और बृहस्पतिवार को होली खेली जाएगी। इसके तैयारी में लगी महिलाएं गोझिया, मिठाई आदि बनाने में जुटी हैं। रेडीमेड मिठाई भी बाजार में उतर गई है। इसके अलावा बाजारों में रंगों के धमाके और पिचकारी की बड़ी रेंज बिक्री के लिए उपलब्ध है। युवाओं को इस बार रंगों के धमाके बड़े भा रहे हैं। गिफ्ट की खरीदारी भी शुरू हो गई है। लाल गुलाल, स्नो स्प्रे, हर्बल गुलाल की बिक्री भी खूब हो रही है। पिचकारी की कीमत पांच रुपये से लेकर हजार रुपये तक है।
इस रंग में है गजब का खिलवाड़
बनकटी। साफ कपड़ों पर किसी हुरियारे ने रंग डाल दिया तो गुस्सा होना लाजिमी है। इस गुस्से को हंसी में बदलने के लिए बाजार में गजब का रंग आ गया है। यह ऐसा रंग है जो कपड़ों पर गिरने के बाद गहरा दिखाई देगा, लेकिन फिर कुछ देर बाद यह हवा हो जायेगा। इस रंग की खासियत है कि यह देखने में काफी तेज है और जब इसको डाला जाएगा तो बेहद गहरा असर करेगा। उसके बाद दस मिनट में कपड़े फिर वैसे ही हो जाएंगे। इस रंग की कीमत भी ज्यादा नहीं है। इसको महज चालीस रुपये में खरीदा जा सकता है।