दहेज हत्या में पति को दस वर्ष की सजा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश मनमीत सिंह सूरी ने दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी करार देते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। इसी मामले के आरोपी देवर विजय राजभर व सास गीता को न्यायालय ने दोष मुक्त कर दिया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता जय गोविंद सिंह ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के औसापुर गांव की उर्मिला ने थाना परशुरामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें कहा कि घटना के दो वर्ष पहले उनकी पुत्री मनीषा की शादी परशुरामपुर थाना क्षेत्र के धुरदा गांव में रामानंद राजभर के पुत्र सनोज राजभर के साथ हुई थी। शादी के बाद उससे एक पुत्री भी हुई। आरोप लगाया कि ससुराल के लोग दहेज में टीवी व बाइक की मांग करते हुए मनीषा को शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देते थे, जिसकी शिकायत उसने मायके में की थी। पांच फरवरी 2018 को सूचना मिली कि सुबह करीब नौ बजे सास, देवर व पति ने मिलकर विवाहिता को मारापीटा और गला दबा कर हत्या कर दी। रिपोर्ट के आधार पर तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। मेडिकल रिपोर्ट में गर्दन पर चोट के निशान थे। आरोप तय होने के बाद अभियोजन की ओर से वादी सहित सात गवाहों के बयान हुए। गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर न्यायाधीश ने पति सनोज राजभर को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।