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ऑटो चालकों की मनमानी, नियम को ताक पर रख ढो रहे सवारी

Tue, 27 Nov 2018 10:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बस्ती
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मुनाफे के लिए वाहन चालक क्षमता से अधिक सवारियां लेकर जाता। - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। जिले में ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी से राहगीर परेशान हैं। नियमों को ताक पर रखकर ये बेखौफ सवारियां ढो रहे हैं। इन्हें न तो पुलिस का खौफ है, और न ही सवारियों के जीवन की चिंता। जहां मन में आया ये अपने वाहन को रोक सवारियां बिठाने लगते हैं। कई ऑटो आपको ऐसे दिख जाएंगे, जिन पर नंबर तक नहीं हैं।
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जिले में पांच हजार के करीब ऑटो रिक्शा हैं, कई तो ऐसे हैं जो बिना परमिट के ही फर्राटा भर रहे हैं, ऑटों में जहां तीन सवारियों की जगह होती हैं, वहीं ये सात से आठ सवारी बिठाते हैं, जिसके चलते कई ऑटो रिक्शा दुर्घटना का शिकार भी हुए हैं। नियम के अनुसार ऑटो रिक्शा 16 किमी की परिधि में आ जा सकती है। इसके लिए छह प्वाइंट बनाए गए हैं, जिनमें बस्ती, कलवारी, भानपुर, रुधौली, ऋंगीनारी, विशेषरगंज शामिल हैं। लेकिन नियम के अनुरूप। पर ऐसा होता नहीं हैैं ये इन स्टैंडों से सवारियां बिठाने के बजाए पूरे रास्ते भर सवारियां उतारते व बिठाते हैं। जिसके चलते राहगीरों को काफी असुविधा भी होती है। कई बार तो ये स्टेशन से रोडवेज, यहां से कंपनीबाग व कचहरी का कई चक्कर लगाते हैं। सवारियां अधिक बैठाने के चक्कर में ये आपस में उलझ जाते हैं।

नाबालिगों के हाथ में दिखती हैं स्टेयरिंग
जिले में दौड़ रहे कई नाबालिगों के हाथों में आपको ऑटो रिक्शे की स्टेयरिंग दिख जाएगी, जिनके पास न तो वाहन चलाने का अनुभव होता है और न ही ड्राइविंग लाइसेंस का। चंद पैसे के लालच में वाहन स्वामी इनके हाथों में स्टेयरिंग थमा देते हैं। यहां तक की इन्हें यातायात नियमों की जानकारी भी नहीं होती है।
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रात्रि में वसूलते हैं मनमानी किराया
शहर के रेलवे स्टेशन या रोडवेज से अपने गंतव्य तक यदि कोई यात्री इन वाहनों की सुविधा लेता है तो उससे ये ऑटो चालक नाइट किराए के नाम पर अधिक रुपये लेते हैं। जिसके चलते यात्रियों व चालकों में अक्सर नोकझोंक भी होती है।

अधिकारियों की सुनिए
आरटीओ आरके विश्वकर्मा कहते हैं कि अधिक सवारी बैठाना कानूनन गलत हैं, ओवर लोडिंग करने पर प्रति सवारी सौ रुपये चार्ज वसूला जाता है। बताया कि ऑटो रिक्शा का हर वर्ष फिटनेस के बाद रजिस्ट्रेशन कराना होता है, और पांच वर्ष के लिए वन टाइम टैक्स जमा होता है। कहा कि समय-समय में विभाग की ओर से जांच अभियान चलाया जाता है। सीओ सिटी आलोक सिंह कहते हैं कि यह गंभीर विषय है। कहा कि पुलिस व आरटीओ की संयुक्त टीम समय-समय पर अभियान चलाती है। लोगों को जल्द ही इस समस्या से निजात मिलेगी।
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