बस्ती। बिजली व्यवस्था को चाक चौबंद करने को लेकर चल रही कवायद के बीच आंधी पानी ने रोड़ा अटका दिया है। पहली ही आंधी व बारिश में बिजली को 50 लाख का झटका लगा है। आंधी पानी के इस झटके से 48 घंटे बाद भी बिजली निगम की व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है। हालांकि जिम्मेदार व्यवस्थागत खामियों को सुधारने की बात करते हैं, मगर कब तक, इसकी समय सीमा नहीं बताते।
जिले में 29 अप्रैल की देर रात तेज आंधी व फिर बारिश होने लगी। अचानक आए आंधी पानी ने सबसे ज्यादा प्रभाव बिजली व्यवस्था पर डाला है। जैसे ही आंधी शुरू हुई। लाइन ठप कर दी गई, मगर तेज आंधी के बाद बरसात शुरू हुई तो मंडल में तमाम इंसुलेटर बरसात का पानी पड़ते ही धड़ाधड़ उड़ गए। करीब दो घंटे की तेज हवा और भीषण बरसात के बाद पानी बंद हुआ तो लाइन बहाल करने के प्रयास में विद्युत निगम सफल नहीं हो सका, क्योंकि तेज आंधी के चलते तमाम खंभे व तार डैमेज हो गए। इसके अलावा तमाम इंसुलेटर भी फूंक गए। पूरी तरह मंडल में बिजली नहीं आई। सुबह कुछ स्थानों पर छिटपुट खराबी ठीक करने के बाद लाइन बहाल की गई, मगर थोड़ी ही देर बार फिर से आपूर्ति ठप हो गई। इसके बाद 30 अप्रैल की सुबह से लेकर शाम तक मंडल के कई गांवों में दिन भर आपूर्ति ठप रही। हालांकि शहर के कुछ स्थानों पर बिजली सेवा रुक-रुक कर दी जा रही थी, मगर कुछ इलाकों में पूरे दिन बिजली नहीं आई।
आंधी पानी से यह हुआ नुकसान
आंधी पानी के चलते मंडल के बस्ती जिले में 150 खंभे उखड़ गए तो करीब 30 किमी बिजली के तार ध्वस्त हो गए। इसी प्रकार सिद्धार्थनगर में 250 खंभे टूटे तो 20 किमी तार पूरी तरह ध्वस्त हो गए। संतकबीनगर में सौ खंभे गिर गए तो करीब बीस किमी लाइन के तार पूरी तरह टूट गए। यही नहीं तीस छोटे ट्रांसफार्मर तो जमीन पर गिर कर पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जबकि कई बड़े ट्रांसफार्मर को भी आंधी के चलते नुकसान पहुंचा है।
कई स्थानों पर अब भी लाइन गुल
मंडल के बस्ती जिले में अमहट फीडर के खौरहवा सहित दूरदराज इलाकों के कई गांवों में 48 घंटे बाद भी सेवा बहाल नहीं हो सकी है। यही हाल सिद्धार्थनगर जिले के बांसी व डुमरियागंज तहसील का भी है। यहां आंधी पानी से सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है। संतकबीर नगर में मुख्यालय को छोड़ कई ग्रामीण इलाकों में लाइन बहाल नहीं हो सकी है।
24 घंटे से लगातार चल रहा काम
इस मौसम की पहली आंधी व बरसात ने बिजली अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। आंधी पानी के बाद से ही मंडल के विभिन्न स्थानों पर निगम की टीम उतर गई है, मगर दिन रात मेहनत के बावजूद शत प्रतिशत परिणाम अब तक नहीं आ सका है।
बोले मुख्य अभियंता
मुख्य अभियंता अभियंता ओपी यादव ने बताया कि आंधी पानी के चलते करीब पचास लाख का चूना बिजली निगम को लगा है। मंडल में पांच सौ खंभे टूटे हैं तो करीब सत्तर किमी तार डैमेज हो गया है। इसके अलावा तीन छोटे ट्रांसफार्मर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं, जबकि कुछ बड़े ट्रांसफार्मर भी आंधी व पानी के चलते खराब हुए हैं। इसके अलावा कई इंसुलेटर भी दग गए जिन्हें व्यवस्थित कराया जा रहा है। व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। 24 घंटे में मंडल की बिजली व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी।