बस्ती। जिले के लगभग 15 लेखपाल और लगभग चार राजस्व निरीक्षकों की नौकरी जाने का खतरा मड़राने लगा है। यह सभी राजस्व कर्मी 50 साल से ऊपर के वाले श्रेणी में आ रहे हैं। इन कर्मियों का बायोडाटा तैयार हो गया है, और स्क्रिनिंग की तिथि में निर्धारित हो गई। इन कर्मियों का सर्विस रिकार्ड खराब है। नियमानुसार स्क्रिनिंग में 40 से 50 साल के बीच के दस साल के कार्यकाल का रिकार्ड देखा जाएगा, अगर इन दस सालों का कार्यकाल किसी कर्मी का बेदाग रहा तो नौकरी नहीं जाएगी, मगर अगर कर्मी के सर्विस रिकार्ड में एक भी कार्रवाई करना अंकित होगा तो उसे जबरियां सेवा से निकाला जा सकता है।
स्क्रिनिंग के दायरे में जिले के लगभग 130 लेखपाल आ रहे हैं, इनमें हर्रैया के सबसे अधिक 60, सदर के 40, भानपुर के 20 और रूधौली तहसील के 10 लेखपालों का नाम शामिल है। इन सभी का स्क्रिनिगं के लिए बायोडाटा तैयार हो गया है। अगले 15 दिन में इन लेखपालों का स्क्रिनिंग संबंधित नियुक्ति प्राधिकारी एसडीएम कर सकते हैं। जो रिकार्ड सामने आ रहे हैं, इनमें 15 ऐसे लेखपाल हैं, जिनका पिछला 10 साल का कार्यकाल बेदाग नहीं रहा है, किसी न किसी आरोप में इन पर कार्रवाई हो चुकी है, और इनके सर्विस बुक के रिकार्ड में अंकित भी है। इसी तरह लगभग 50 राजस्व निरीक्षक स्क्रिनिंग के दायरे में आ रहे हैं, इनमें चार से छह ऐसे हैं, जिनकी नौकरी जा सकती है। हालांकि योग सरकार का स्क्रिनिंग कराने का आदेश कोई नया नहीं हैं। इसके लिए 1985 में एक शासनादेश जारी हुआ है, जिसमें 50 साल से ऊपर वाले कर्मियों के स्क्रिनिंग करने की बात कही है। पिछले 37 सालों में एक दो मौके आए जब इस शासनादेश का पालन हुआ। वर्तमान सरकार ने इसी शासनादेश को सक्रिय कर दिया। इसे लेकर दागी कर्मियों में खलबली मची हुई है। जानकारों का कहना है कि अगर अफसरों ने स्वच्छ एवं निष्पक्ष होकर स्क्रिनिंग किया तो कईयों की नौकरी जा सकती है। नौकरी जाने और न जाने का एक तरह नियुक्ति प्राधिकारी के हाथ में रहेगा। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि स्क्रिनिंग पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।