साल में दो बार होगी 10वीं और 12वीं की परीक्षा
स्कूलों ने शुरू की तैयारियां, कोविड के कारण परीक्षा की बनाई गई है नई नीति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार होंगी। सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर के अनुसार जिले के स्कूलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
कोरोना की दूसरी लहर के कारण सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद करनी पड़ी थीं। ऐसे में 2022 की परीक्षा के लिए बोर्ड ने अभी से ही तैयारी कर ली हैं। बोर्ड परीक्षा के लिए स्पेशल स्कीम के तहत क्लास 10 और 12 को दो टर्म में बांटा गया है। दोनों टर्म के अंत में परीक्षा होगी। दोनों के सिलेबस भी अलग-अलग होंगे। फर्स्ट टर्म के अंत में बोर्ड टर्म-वन परीक्षा नवंबर-दिसंबर के बीच होगी। इसमें बहुविकल्पी प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रश्न-पत्र डेढ़ घंटे का होगा। इसमें सिलेबस से ही सवाल आएंगे। परीक्षा उसी स्कूल में होगी, जहां छात्र पढ़ रहे होंगे। निगरानी के लिए बोर्ड की ओर से एक्सटर्नल सेंटर सुपरिटेंडेंट्स और ऑब्जर्वर्स नियुक्त किए जाएंगे। परीक्षार्थी को ओएमआर शीट पर उत्तर देना होगा। वहीं, टर्म-2 या साल के अंत की परीक्षा में शेष 50 फीसदी सिलेबस से ही सवाल पूछे जाएंगे। यह परीक्षा मार्च-अप्रैल 2022 के बीच ली जाएगी। प्रश्नपत्र दो घंटे का होगा।
सेंट जेवियर्स स्कूल के डायरेक्टर ने बताया कि बोर्ड की स्कीम को देखते हुए। पाठ्यक्रम को दो हिस्सों में बांट दिया है, इसकी तैयारी शुरू कर दिया गया है। 50 फीसदी में से बहुविकल्पीय प्रश्न आधारित प्रश्न रहेगा। जिसके आधार पर नवंबर की परीक्षा शुरू होने से पहले परीक्षा ली जाएगी। जिससे कि बच्चे परीक्षा के पैटर्न के बारे में जानकारी मिल सके।
जीवीएम कान्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल विजयलक्ष्मी ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए बोर्ड ने दसवी-बारहवीं 2022 की बोर्ड परीक्षा के लिए स्पेशल स्कीम बनाया है। अब बच्चे पूरे पाठ्यक्रम का दो भाग हो जाने से साल में दो बार परीक्षा देंगे। जिसके कारण बच्चों पर परीक्षा का ज्यादा भार नहीं होगा।
कपिल गंगा स्कूल के प्रधानाचार्य अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि बोर्ड परीक्षा को लेकर बच्चे और उनके अभिभावक पर चिंतिंत रहते थे। लेकिन परीक्षा दो टर्म में होने से अभिभावकों भी चिंता मुक्त होंगे। बच्चों को अपने आप का मूल्यांकन करने के लिए बहुुत अच्छा रहेगा। वहीं बहुविकल्पीय प्रश्न होने के कारण ओएमआर शीट पर उत्तर देना होगा।
सेंट्रल एकेडमी की प्रधानाचार्या सीमा तिवारी ने बताया की पहले बच्चे परीक्षा को लेकर काफी चिंतिंत रहते थे। लेकिन सेलेबस दो भागों में बंट जाने से बच्चों को परीक्षा में तनाव से मुक्ति मिलेगी। वहीं बहुविकल्पीय प्रश्न होने से आगे के प्रतियोगी परीक्षा के लिए जानकारी होगी।