बस्ती। उल्टी-दस्त के मरीजों की बढ़ती तादाद ने स्वास्थ्य महकमा की नींद उड़ा दी है। जिला अस्पताल में चौबीस घंटे के भीतर 108 मरीज दाखिल हुए। जबकि, 20 रेफर कर दिए गए। मंडल मुख्यालय का जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज का ओपेक चिकित्सालय कैली इन दिनों हीट स्ट्रोक के मरीजों से भर गया है। यहां दिन रात अफरा-तफरी का माहौल है। तेज बुखार, उल्टी दस्त और पेट दर्द से मरीजों के गंभीर होने पर चिकित्सक हाथ खड़े कर ले रहे हैं। उन्हें तत्काल गोरखपुर या लखनऊ के लिए रेफर कर दिया जा रहा है। सोमवार को दोनों अस्पताल के पड़ताल में यह सच सामने आया।
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जिला अस्पताल: इमरजेंसी फुल, ओपीडी में भीड़
समय 12 बजे
ओपीडी में 930 पर्चे कट चुके हैं। यहां चार काउंटरों पर अभी पर्चा कटवाने को लेकर लाइन लगी हुई है। ओपीडी की गैलरी मरीज और तीमारदारों से ठसाठस भरी है। इसमें ज्यादातर तेज बुखार, उल्टी दस्त के मरीज शामिल है। यहां मौजूद एक फिजिशियन डा. रामजी सोनी पर इन्हें देखने का भार है। उनके कक्ष में एसी नहीं चल रही थी। चिकित्सक के सामने मरीज और तीमारदार ऐसे भरे हुए थे कि बगैर धक्का-मुक्की के कोई उन तक नहीं पहुंच पा रहा था। चिकित्सक और उनके स्टाफ खुद पसीने से तरबतर थे। किसी तरह पर्चे पर दवाएं लिखकर मरीज को बाहर कर रहे थे। वहीं ओपीडी के दूसरे कक्ष में प्रभारी एसआईसी डाॅ. राम प्रकाश भी भीड़ देख मरीजों को देखने में डटे रहे। उनके कक्ष में भीषण गर्मी के बीच मरीज भरे रहे। एसी खराब था।
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इमरजेंसी में भर्ती हुए 108 मरीज
यहां इमरजेंसी में रविवार की शाम से सोमवार के दोपहर तक 108 मरीज भर्ती किए गए। सभी मरीज उल्टी दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार से पीड़ित बताए गए। मरीजों के दबाव को देखते हुए इमरजेंसी वार्ड में एक घंटे रखने के बाद ही मरीज को मेडिकल वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा था। बावजूद इसके इमरजेंसी वार्ड मरीजों से फुल रहा। गनीमत यह कि 30 बेड के इस वार्ड में एसी की सुविधा बहाल रही। वहीं मेडिकल वार्ड में रेंगते हुए पंखों के सहारे मरीजों को भर्ती रहना पड़ रहा है।
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एक्सरे मशीन खराब, पैथाेलाॅजी में गर्मी से अकुलाहट
जिला अस्पताल के जांच सेंटर की स्थिति विकट हो गई है। यहां एक्सरे मशीन बंद पाया गया। स्टाफ ने बताया कि लो-वोल्टेज की वजह से कई दिनों से मरीजों का एक्सरे नहीं हो पा रहा है। वहीं पैथाेलाजी कक्ष में रखा बड़ा कूलर यांत्रिक त्रुटि की वजह से बंद पड़ा था। भीषण गर्मी में तीमारदार और मरीजों की भीड़ की वजह से यहां के स्टाफ भी अकुलाहट में थे। धीमी गति से चल रहे पंखे पसीने सुखाने लायक भी नहीं रहे। मरीज, स्टाफ हर कोई परेशान नजर आया।
ओपेक चिकित्सालय कैली: बदबू के बीच इमरजेंसी में भर्ती रहे मरीज
समय 1 बजे।
महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कालेज के ओपीडी में दो पर्चा काउंटर खुले थे। दिन में 12.55 बजे तक 1200 मरीजों के पर्चे कट चुके थे। ज्यादातर मरीजों का रजिस्ट्रेशन मेडिसिन विभाग के लिए हुआ था। इसमें उल्टी दस्त, तेज बुखार और पेट दर्द के मरीज शामिल रहे। इन मरीजों के इलाज के लिए ओपीडी में डॉ. रजत पांडेय मुस्तैद रहे। उनके कक्ष में एसी बंद था। गर्मी से मरीज और चिकित्सक व्याकुल नजर आए। 50-50 बेड के दोनों इमरजेंसी वार्ड मरीज और तीमारदाराें से खचाखच भरे हुए थे। वार्डों में केवल पंखे चल रहे थे। चारों तरफ बदबू से लोग परेशान रहे। माथे से पसीना पोंछती एक महिला ने कहा कि इस भीषण गर्मी और दुर्गंध में मरीज के सेवादार भी बीमार पड़ जाएंगे।
इमरजेंसी कक्ष में दिखी भीड़
इमरजेंसी कक्ष में भी मरीजों की भीड़ दिखी। रविवार की रात से साेमवार दोपहर तक 102 मरीज भर्ती किए जा चुके थे। अधिकांश उल्टी दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार से ग्रसित बताए गए। इसमें से एक मरीज लोहुड़ी की रात में मौत हो चुकी थी। यहां मौजूद चिकित्सक और स्टाफ मरीज की मौत के सवाल पर कुछ बोलने से कतरा रहे थे।
दोनों अस्पतालों में चल रहा रेफर का खेल
जिला अस्पताल एवं मेडिकल कालेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में गर्मी का प्रकोप बढ़ते ही मरीजों को रेफर करने का खेल शुरू हो गया है। आए दिन संभावित हीट स्ट्रोक के गंभीर मरीजों को गोरखपुर या लखनऊ रेफर कर दिया जा रहा है। इसी वजह से मौत का आंकड़ा इन अस्पतालों में दर्ज नहीं हो सका है। रविवार से सोमवार के बीच चौबीस घंटे के बीच ओपेक चिकित्सालय से तेज बुखार के कुल 20 मरीज रेफर किए गए। सप्ताह भर यहां से रेफर ऐसे मरीजों की संख्या 35 है।जबकि यह उच्च स्तरीय चिकित्सालय है। इसके अलावा जिला अस्पताल से चौबीस घंटे के भीतर उल्टी दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार के 10 मरीज रेफर किए गए हैं। वहीं सप्ताह भर में जिला चिकित्सालय से ऐसे 40 मरीज रेफर किए जा चुके हैं।
उल्टी दस्त, पेट दर्द और तेज बुखार के मरीज इन दिनों लगातार बढ़ रहे हैं। इमरजेंसी और ओपीडी दोनों जगहों पर इन मरीजों का इलाज किया जा रहा है। क्रिटिकल मरीज ही हायर सेंटर के लिए रेफर किए जा रहे हैं। -डाॅ. रामप्रकाश, प्रभारी एसआईसी, जिला अस्पताल।
हीट स्ट्रोक के मरीजों को लेकर अस्पताल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। गंभीर मरीजों को ही रेफर किया जा रहा है। बाकी को यहीं पर हैंडल किया जा रहा है। इन मरीजों के लिए अलग वार्ड का सृजन किया गया है। मरीजों की संख्या अचानक बढ़ने से थोड़ी अव्यवस्था हुई है, लेकिन इसे नियंत्रित कर लिया जाएगा। -डाॅ. मनोज कुमार, प्राचार्य, महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कालेज, बस्ती।
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खुद रखें अपना ख्याल, खान पान पर नियंत्रण जरूरी
भीषण गर्मी में आमजन को खुद अपना ख्याल रखना होगा। इन दिनों खान पान पर विशेष नियंत्रण की जरूरत हैै। स्पाइसी भोजन से बिल्कुल परहेज करें। तेल मसाला का सेवन कम होने से स्वस्थ बना रहेगा। धूप से सभी को बचना चाहिए। अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। सादा भोजन किया जाए। हरी सब्जियों और सलाद का सेवन ज्यादा किया जाए। बढ़े हुए तापमान में पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। अस्पताल का हिस्सा न बनने से अच्छा गरिष्ठ भोजन से परहेज करना ज्यादा बेहतर है। घर से दिन में निकलते समय मोटा कपड़ा जरूर पहने जिससे बदन ढका रहे।सिर को भी ढक कर रही दिन में निकलें। यदि आवश्यक न हो तो सुबह और शाम को ही घर से बाहर निकलें। -डाॅ. पीके श्रीवास्तव, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल, बस्ती।