बस्ती। बाढ़ प्रभावित 105 गांवों की निगरानी के लिए अधिकारी तैनात किए जाएंगे। कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक में मंगलवार को डीएम रवीश गुप्ता ने बैराज से पानी छोड़े जाने के समय सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बाढ़ प्रभावित गांवों का कम्युनिकेशन प्लान भी बनाने के लिए कहा। अति संवेदनशील गांवों पर विशेष सतर्कता बरतने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।
डीएम ने स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सभी सीएचसी/पीएचसी को सक्रिय रखने की हिदायत दी।
मेडिकल कैंप की व्यवस्था तथा प्रत्येक बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य कर्मी तैनात करने के लिए कहा। इस दौरान सांप काटने पर लगने वाले इंजेक्शन तथा अन्य जीवन रक्षक दवाएं, क्लोरीन की गोलियां, ओआरएस घोल की समुचित व्यवस्था भी होनी चाहिए। उन्होंने पशुपालन विभाग को निर्देशित किया कि समय से भूसा एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करें। पशुओं के टीका की आपूर्ति सुनिश्चित होनी चाहिए। साथ ही अस्थायी गोशाला के लिए स्थल पहले से चिह्नित कर लेने को कहा।
समीक्षा में पाया गया कि जिले की दो तहसील बस्ती सदर एवं हर्रैया के लगभग 105 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं। जिले में कुल 16 तटबंध हैं, जिनकी मरम्मत एवं रख-रखाव का कार्य बाढ़ खंड प्रथम करता है। उन्होंने दोनों तहसील के एसडीएम से अपने-अपने क्षेत्र के तटबंधों का निरीक्षण करके रिपोर्ट मांगी है ताकि समय से उनकी मरम्मत कराई जा सके। कहा कि नाव में लाइफ जैकेट की उपलब्धता तथा संचालन करने वाले व्यक्ति का नाम व मोबाइल नंबर सहित सूची तैयार करें।