मनोरमा की सफाई को नदी में उतरे डीएम
डीएम ने सरकारी अमले संग की मनोरमा की सफाई
जन जागरूकता से ही स्वच्छ होगी मनवर- डीएम
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। मनोरमा नदी के स्वरूप को निखारने के लिए शासन से लगायत प्रशासन तक कवायद में जुटा है। यह कवायद कहीं कागजी न साबित हो। इसके लिए डीएम डॉ. राजशेखर खुद भी पूरी शिद्दत से जुटे हुए हैं। इसका उदाहरण शनिवार को जगदीशपुर गांव में धरातल पर दिखाई दिया। यहां चल रहे सफाई अभियान में वे शामिल ही नहीं हुए बल्कि खुद नदी में उतरे और खर-पतवार के साथ कचरा निकाल उसे फेंका। डीएम के लगन को देखकर इनके साथ वहां पहुंचे अन्य अधिकारी भी पानी में उतर सफाई में सहयोग करने लगे। इधर, अपने बीच डीएम को पाकर मनरेगा मजदूरों का हौसला कई गुना बढ़ गया। डीएम ने सभी का आह्वान किया कि वे नदियों को स्वच्छ व निर्मल बनाने में सहयोग करें।
पौराणिक मनोरमा नदी के प्रवाह को अविरल व निर्मल बनाने के लिए क्षेत्रीय विधायक की पहल पर पिछले दिनों मखौड़ा धाम आए सीएम योगी आदित्य नाथ ने करीब 100 करोड़ की परियोजना का शुभारंभ किया था। मनवर नदी सफाई कार्यक्रम को देश भर में मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का भी सीएम ने सुझाव दिया था। इसी क्रम में मनरेगा योजना व जन सहयोग से मनवर नदी व उसके एक किमी के दायरे में तालाबों व नालों की सफाई का कार्य चल रहा है। शनिवार दोपहर को डीएम जगदीशपुर गांव में बह रही नदी के किनारे स्थित शवदाह स्थल पर पहुंचे। वहां कार्य कर रहे दर्जनों मनरेगा मजदूरों के संग नदी में उतरकर फावड़ा चलाए। इसके बाद डीएम ने गांव के तालाब पर हो रहे कार्य का निरीक्षण किया। मनरेगा मजदूरों से मजदूरी व कार्य की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। गांव के एक व्यक्ति ने दो वर्ष पूर्व लगे हैंडपंप की चौकी नहीं बनने की शिकायत की तो डीएम ने सीडीओ से मामले में कारवाई के निर्देश दिए। मौजूद लोगों से कहा कि जन सहयोग से ही नदियों को स्वच्छ व निर्मल रखा जा सकता है। कहा कि चुनावों में सभी मतदान करें । इस मौके पर सीडीओ अरविंद पांडेय, बीडीओ जितेंद्र प्रताप सिंह, एडीओ पंचायत गिरजेश श्रीवास्तव, उभाई के ग्राम प्रधान राम सागर निषाद, अनिल सिंह, इंटू सिंह सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।