सीएम को दर्द बताने पहुंचे मिल श्रमिक
गोविंदनगर शुगर मिल बंदी
गोरखपुर में सीएम से मिलेगा श्रमिकों का प्रतिनिधि मंडल
अमर उजाला ब्यूरो
वाल्टरगंज। गोविंदनगर शुगर मिल की बंदी का मलाल यहां के श्रमिकों की नींद छीन चुका है। अब वे किसी भी स्तर पर लड़ाई की रणनीति बनाने में जुटे हैं। आंदोलन तो चल ही रहा है शनिवार को श्रमिकों का प्रतिनिधि मंडल गोरखपुर में सीएम योगी आदित्य नाथ से मिलने पहुंच गया। सीएम से मिलकर प्रतिनिधि अपना दर्द बयां करेंगे। श्रमिकों का कहना है कि अब तक जिला प्रशासन उदासीन रवैया अपनाता रहा है और अपनी बात सीएम से कहने के बाद ही आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
मालूम हो कि जिले का वाल्टरगंज चीनी मिल वर्तमान पेराई सत्र में चलने के लिए तैयार नहीं है, जबकि प्रदेश के मुखिया इस बात की घोषणा कर चुके हैं कि प्रदेश की सभी चीनी मिलें 25 नवंबर तक पेराई कार्य शुरू कर दें। इस आदेश के बाद भी जिला प्रशासन हरकत में नहीं आया। जिसका परिणाम यह है कि वाल्टरगंज चीनी मिल पर ताला लगना तय हो गया है। मिल मजदूर व क्षेत्र के गन्ना किसान मिल चलाने को लेकर 51 दिनों से मिल गेट पर धरनारत हैं परंतु मजदूरों और गन्ना किसानों की मांग को लेकर न तो जिला प्रशासन ही गंभीर दिखा और न ही जिले के जनप्रतिनिधि। मजदूरों का कहना है कि मिल चलाने को लेकर सांसद विधायक सहित जिले के सभी आला अधिकारियों से वार्ता की गई लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं आया। कहा है कि 27 अक्तूबर को मजदूर आत्मदाह करने के लिए चिमनी पर चढ़े थे तब जाकर जिला प्रशासन जागा था और मिल प्रबंधन से वार्ता कराया था। जिला प्रशासन की तय समय सीमा बीते एक सप्ताह हो गया लेकिन जिला प्रशासन अब चुप्पी साधे हैं। मिल के श्रमिक नेता कमलेश पटेल का कहना है कि अपनी बात अधिकारियों और सांसद विधायकों के सामने रखा अब मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी मांग रखी जाएगी। प्रदेश के मुखिया हैं अगर चाहेंगे तो 24 घंटे के अंदर चीनी मिल में मरम्मत कार्य और मजदूरों का भुगतान शुरू हो सकता है। प्रतिनिधि मंडल में अंगद वर्मा, मोहन विश्वकर्मा, पवन मौर्य, रामशरण मौर्य, राम लखन शुक्ला, कृष्ण चंद्र मौर्या, सुनील कुमार राव, घनश्याम आदि शामिल हैं।