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दुर्गा मां की आरती उतारी, जयघोष के साथ विसर्जन

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दुर्गा मां की आरती उतारी, जयघोष के साथ विसर्जन
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बस्ती।
विजय दशमी पर्व को जिले भर में हर्षोल्लास से मनाया गया। कई स्थानों पर रावण का पुतला दहन हुआ तो जिले के ग्रामीण इलाकों में उत्सव पूर्वक प्रतिमाओं का विसर्जन विभिन्न ताल पोखरों और नदियों में किया गया। सड़कों पर निकली प्रतिमाओं की श्रद्धालुुओं ने जगह-जगह आरती उतारी। भक्तों ने मां को विदाई दी।
मानिकचंद प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के भादी खुर्द पोखरा, बौद्ध विहार पोखरा पडिया खास, ब्योतहरा पोखरा, कठिनईया नदी बालेडिहा सिहारी, दुदराक्ष, गंधरिया गजराज, गाऊखोर, भादी खुर्द, पैडा खरहरा, तेनुआ, सरैया, सिसवारी, पुरैना, पलान, छितही प्रहलाद, सिहारी, बन्नी, सोनौरा, ब्योतहरा, रसनी, गौरा, पुर्सिया सहित कुल 180 प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम से किया गया। इन स्थानों पर दोपहर बाद मेला भी लगा। जगह-जगह भंडारा आयोजित हुआ।
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सोनहा प्रतिनिधि के अनुसार दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन थाना क्षेत्र के कुआनों नदी के शिवाघाट पुल पर देर रात तक किया गया है तथा मेला का भी आयोजन शिवाघाट, सोनहा बाजार, बैड़वा पुल पर हुआ।
सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन कठिनाईया नदी में किया गया। जिनवा, मुरादपुर, सेखुई, पचमोहनी, देईपार, बरगदवा, महनुआ, कनेथु, हसनापुर, गोरखर, रेहार जंगल, सूरतगढ़, बस्थनवा, सिंकदरपुर, गौहनिया, लपसी, कोठिली आदि गांवों, चौराहों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमा को माँ के भक्तों ने गाजे-बाजे के साथ शिवा घाट पर कुआनो नदी में विसर्जित किया।
परशुरामपुर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मखौड़ाधाम, शृंगीनारी, कोहरायें, कुसमौर, टेढाघाट में मुख्य रूप से प्रतिमा विसर्जन किया गया। थानेदार परशुरामपुर से मिली सूचना के अनुसार क्षेत्र में स्थापित 89 प्रतिमाएं सौहार्द पूर्ण वातावरण में विसर्जित कर दी गई हैं। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के लालगंज पुल, बानपुर के पीढ़िया घाट, कठिनईया नदी के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने थाना क्षेत्र के अलावा मुंडेरवा क्षेत्र की प्रतिमा विसर्जन का यह कार्यक्रम रात लगभग बारह बजे तक चलता रहा। लालगंज क्षेत्र के शंकरपुर, बसौढ़ी, जोगिया बररोहिया कला, बाघापार, आम कोइल, बैजीपुर, कठैचा, कड़जा अजमतपुर, बारीघाट, कथरुआ, नरौली,कबरा, हर्रैया, बाबू सिसई, कटया, बनकटा, कोप, हिनौता की मूर्तियों का विसर्जन लालगंज में तथा देईसांड, पूजन गंज, पसंडा, बानपुर की मूर्तियों का विसर्जन बानपुर में हुआ। क्षेत्र की कुल 49 मूर्तियों सहित मुंडेरवा थाना क्षेत्र के कडसरी, दातुआखोर, गुलरिहा, भैसा पाण्डेय, बरहुआ, पड़ियापर, मानिकौरा कला की कुल 55 मूर्तियों का विसर्जन हुआ।
दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थापित 84 दुर्गा प्रतिमाओं में से 81 प्रतिमाओं का देर रात क्षेत्र के कटरिया ऊभाई, निदूरी, परखत्ती घाट, पंडूल घाट, गौरा घाट, उमरिया, पेदा घाट, नान्देकुआ, विशेषरगंज पुल आदि स्थानों पर देर रात शान्तिपूर्ण ढंग से विसर्जन हुआ।
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन धूमधाम से किया गया। छावनी बाजार, सेवरा, कुंवागांव, प्रतापपुर, नाल्हीपुर, प्रतापगढ़, जितियापुर, अकला, सिटकहा, पैकोलिया आदि गांवों के मूर्ति का विसर्जन घाघरा नदी के तट पर माझिलगांव के पास ठोकर नंबर दस पर हुआ। इस स्थल पर भव्य मेला भी लगा। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बक्सई, बाराह क्षेत्र, पड़िया, सहित अनेक घाटों पर देर रात तक प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इस दौरान मेले का भी आयोजन हुआ।
टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार गौर क्षेत्र में कुआनो नदी के चौरा महादेवा और गटरा पुल पर 16 मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के बिहरा पेंदा लंगड़ी बलईबीर फरेंदा नरायनपुर पिनेसर ओझागंज परिवारपुर की दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन पेंदा घाट पर और भुङ्कुलगंज, बघौड़ा, नरौतमपुर, खेमराजपुर, बैदोलिया, अजायब बिगहिया, महुआलखनपुर, सिलवटिया की मूर्तियों का विसर्जन पढ़नी घाट पर हुआ।
दुबौला प्रतिनिधि के अनुसार दुबौला चौकी क्षेत्र में स्थापित मां की 52 प्रतिमाओं का विसर्जन एकटकवा के रवई नदी के चोरहा घाट के पुल पर हुआ।
पैकोलिया प्रतिनिधि के अनुसार 123 दुर्गा प्रतिमाओं में पांच को छोड़कर सभी का विसर्जन हुआ। जबकि सरैया, बरगदवा, गाजीपुर, पल्हनापुर तथा घाटमपुर की पांच मूर्तियों का विसर्जन पूर्णिमा को होगा। महसों प्रतिनिधि के अनुसार 15 प्रतिमाओं का विसर्जन गाजे-बाजे के साथ रामनगर घाट और कुआनो नदी में किया गया।

मनवर तट पर देर रात तक हुआ विसर्जन

हर्रैया।
दुर्गा पूजा समारोह का समापन शनिवार देर रात तक प्रतिमाओं का पौराणिक मनवर नदी तट पर विसर्जन के साथ हुआ। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में 92 प्रतिमाओं का विसर्जन देर रात करीब एक बजे तक चला। तहसीलदार, सीओ के अलावा थानाध्यक्ष केएम सिंह नजर बनाए रखे।
कस्बे के अलावा दूर-दराज गांवों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के सकुशल विसर्जन के लिए प्रशासन ने मनोरमा के घाटों पर कड़ी चौकसी की व्यवस्था की थी। गाजे-बाजे के साथ एक-दूसरे को अबीर-गुलाल से सराबोर करते हुए भक्ति देवी गीतों पर झूमते नजर आए। रात करीब एक बजे तक माता का जयघोष होता रहा। क्षेत्र के बैरवांघाट, पेंदा घाट आदि आठ स्थानों पर प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ।

ब्लॉक सभागार में हुुआ शस्त्र पूजन
हर्रैया। विजयदशमी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्थापना दिवस पर ब्लॉक सभागार में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित हुआ। संघ के स्वयं सेवकों ने इस अवसर पर राष्ट्र रक्षा का संकल्प लिया। राजेंद्र नाथ तिवारी ने संघ के अतीत और वर्तमान के राष्ट्रवादी, सामाजिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की चर्चा की। इस मौके पर सुभाष त्रिपाठी, अतुल तिवारी, शक्तिदीप पाठक, जगदंबा प्रसाद सहित अन्य मौजूद रहे।
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प्रतिमा विसर्जन में मुस्तैद रही पुलिस
भानपुर/सोनहा। मां के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच देवी प्रतिमाओं का क्षेत्र के विभिन्न घाटों, तालाबों, नहरों में विसर्जन किया गया। विर्सजन स्थलों पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर एलआईयू, पुलिस और राजस्व प्रशासन के लोग मुस्तैद रहे। सोनहा थाना क्षेत्र के शिवाघाट पुल, बैड़ापुल, समय माता स्थान, बैड़वानाला, नरखोरिया, रामनगर, बारहकोनी, उकड़ा पोखरा बाबा, नगर तिराहा, दुबौली नहर सहित स्थलों पर प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। प्रतिमाओं की नगर भ्रमण के लिए झांकियां भी निकाली गईं। इसमें श्रद्धालु डीजे की धुन पर नाचते गाते रहे। विसर्जन स्थलों पर मेल का आयोजन किया गया। भानपुर कस्बे में जगह-जगह स्टॉल लगाकर लोग प्रसाद वितरित करते रहे।
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