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हर्रैया, गौर और सदर के 14 स्कूलों की पर होगी कार्रवाई 16-42-48

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बिना मान्यता वाले 14 स्कूलों पर होगी कार्रवाई
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बस्ती।
हर्रैया, गौर और सदर ब्लॉक क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित हो रहे स्कूलों के खिलाफ प्रशासन सख्त हो गया है। बीएसए ने कार्रवाई का आदेश तीनों क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारियों को दिया है। यह सभी स्कूल निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के लागू होने के बाद बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं।
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 लागू होने के बाद कोई भी स्कूल बिना मान्यता के न तो स्थापित हो सकता है न ही उसका संचालन किया जा सकता है। बताया कि हर्रैया, गौर और सदर ब्लॉक क्षेत्रों में बिना मान्यता के स्कूलों का संचालन हो रहा है। बताया कि जिन स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आदेश खंड शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। उनमें हर्रैया क्षेत्र के बच्चा प्रसाद मेमोरियल एकेडमी रजई छपिया भारतपुर, आरडी पायनियर स्कूल जिवधरपुर राय खम्हरिया रोड, ज्ञानमति शिवबहाल सिंह एकेडमी एकडंगी हर्रैया, साईं बाबा एकेडमी नगर पंचायत हर्रैया कार्यालय के पीछे, गुरुकुल एकेडमी महूघाट चौराहा हर्रैया, आरएस साइंस एकेडमी हर्रैया ग्रामीण बैंक के पीछे, साक्षी एकेडमी ग्रामीण बैंक के पीछे हर्रैया और केएन चिल्ड्रेन एकेडमी हर्रैया ग्रामीण बैंक के पीछे शामिल हैं। बताया कि सदन ब्लॉक क्षेत्र के रामहरख छविराजी देवी मेमोरियल खुटहन, बाल शिक्षा निकेतन मंझरिया मरवटियाबाबू, शिवांस एकेडमी गोटवा एवं पैराडाइज कान्वेंट स्कूल धुसड़िया मरवटिया और इसी तरह गौर ब्लॉक क्षेत्र के केबीसी उपमा पब्लिक शिवा एवं अंबेडकर प्राथमिक विद्यालय पड़री और स्वामी विवेकानंद विद्यालय मीरापुर की जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।
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दो हजार स्कूलों को नोटिस, कार्रवाई शून्य
निशुल्क एवं बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम का उल्लंघन कर संचालित हो रहे जिले के लगभग दो हजार स्कूलों को विभिन्न बीईओ की ओर से नोटिस जारी किए गए मगर कार्रवाई शून्य रही है। कार्रवाई न करने के पीछे बीईओ पर सवाल उठ रहे हैं। इसके लिए स्कूल प्रबंधक कई बार नोटिस के नाम पर आर्थिक और मानसिक शोषण का आरोप लगाते हुए धरना-प्रदर्शन तक कर चुके हैं। अभिभावक निरंतर इन स्कूलों पर अंग्रेजी शिक्षा और बेहतर सुविधा देने के नाम कई बार आरोप लगा चुके हैं। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जहां कहीं से शिकायतें मिल रहीं हैं, उसके जांच के आदेश दिए जा रहे हैं। बताया कि इस बात की मॉनीटरिंग की जाएगी कि क्यों नहीं नोटिस जारी करने के बाद कार्रवाई की गई।

अठदमा की हेडमास्टर का नहीं रुकेगा तबादला
एबीआरसी ने विद्यालय के गेट पर चस्पा किया आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के अठदमा प्राथमिक स्कूल की हेड मास्टर पर अब कार्रवाई की जाएगी। तबादले के बाद से उन्होंने ने तैनाती नहीं ली है। इस बाबत आदेश विद्यालय गेट पर चस्पा कर दिया गया है।
प्रशासनिक आधार पर पांच माह पहले अठदमा प्राथमिक विद्यालय की हेडमास्टर रीता शुक्ला का तबादला सीडीओ की जांच रिपोर्ट के बाद प्राथमिक विद्यालय महादेवा में कर दिया गया था। इस बीच वह तबादला रोकवाने के लिए जतन कर रही थीं। मगर डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि तबादला नहीं रुकेगा। अलबत्ता ज्वाइन न करने पर निलंबित अवश्य कर दिया जाएगा। उसके बाद भी उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। आदेश लेकर एबीआरसी घूम रहे हैं। मजबूरी में एबीआरसी डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने शनिवार को आदेश की प्रति प्राथमिक विद्यालय महादेवा के गेट पर चस्पा कर दिया है। वेतन रोकने का आदेश जारी हुआ। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासनिक आधार पर रीता शुक्ला का तबादला अठदमा से महादेवा स्कूल पर 13 अप्रैल 2017 को किया गया। मगर तब से महिला हेड मास्टर ने ज्वाइन नहीं किया। अलबत्ता तबादला रोकवाने के लिए अफसरों को आवेदन करती रही। मामला जब डीएम तक पहुंचा तो उन्होंने एक मौका और देने को कहा। उसके बाद निलंबित करने को कहा गया। मौका देने के बावजूद उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। इस पर वेतन रोकने के आदेश को अठदमा स्कूल के गेट पर चस्पा करवा दिया गया।
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तबादले के बाद भी वेतन जारी होता रहा
तबादला होने के बावजूद प्रधानाचार्य का वेतन उसी स्कूल से निकलता रहा, जहां से तबादला हुआ था। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी बहादुरपुर को जिम्मेदार माना गया और सवाल किया गया कि तबादला होने के बावजूद क्यों चार माह तक वेतन दिया गया। ज्वाइन न करने के पीछे इसे भी एक कारण माना जा रहा है। सवाल उठ रहे हैं कि जो हेडमास्टर कोई योगदान नहीं दे रही थीं, उसे किस आधार पर वेतन दिया जा रहा था? बीएसए ने इसके लिए जवाब तलब किया है।
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