गलत नीतियों के विरोध और मांगों को लेकर शनिवार को विभिन्न संगठनों ने अलग अलग स्थानों पर धरना दिया। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार व अन्य मांगों पर प्राथमिक शिक्षक ने तो किसानों से वादा खिलाफी पर किसान संगठनों ने धरने के माध्यम से विरोध दर्ज कराया। फोटो जर्नलिस्ट पर हमले के विरोध में पत्रकार संगठनों ने कमिश्नर कार्यालय परिसर में धरना दिया। वहीं विकलांग के साथ अभद्रता व जमीन पर कब्जे के खिलाफ विकलांग एसोसिएशन ने धरना दिया।
बीएसए कार्यालय परिसर में प्राथमिक शिक्षकों ने धरने के दौरान बीएसए पर कई गंभीर आरोप लगाए गए। मामले को प्रभारी मंत्री के सामने लाने का निर्णय हुआ। प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष का कहना है कि कार्यालय में बिना सुविधा शुल्क दिए कोई काम नहीं होता। बीएसए खुद कार्यालय में न बैठकर आवास से दफ्तर चलाते हैं। शिक्षक समस्याओं को लेकर बीएसए से मिलने गए थे, जहां अशोभनीय शब्दों का प्रयोग किया गया। धरना स्थल पर पहुंचे बीएसए की प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंदिका प्रसाद सिंह से कहासुनी हो गई। बाद में सुलह समझौते के बाद शिक्षकों की समस्याओं का निस्तारण करने के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हुआ। प्रकाश नरायन चौधरी, दुर्गेश यादव, सुधीर तिवारी, डॉ. प्रमोद सिंह, रंजन कुमार सिंह, , सुरेश गौड़ और शिवरतन सहित अन्य मौजूद रहे।
विकलांग एसोसिएशन ने डीएम को दिए ज्ञापन में कहा कि पीड़ित रामपूजन निवासी गोविंदपुर थाना कलवारी के खिलाफ षड़यंत्र रचने वाले प्रधान एवं एसओ ने लगंड़ा कहकर थाने से भगा दिया। दोनों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। नए निर्माण हटाकर जमीन खाली कराया जाए। जिला अध्यक्ष वीरेंद्र कुुमार आदि शामिल रहे।
अखिल भारतीय किसान यूनियन भानू गुट की ओर से सभी तहसीलों पर किसान समस्याओं को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। किसान नेता स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग कर रहे हैं साथ ही सभी किसानों के कर्ज माफ, बंद चीनी मिलें चालू कराने को आंदोलन चला रहे हैं। सदर अध्यक्ष जीत नरायन तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी के निर्देश पर धरना 14 जून से चल रहा है। आरोप लगाया कि किसान भारी संख्या में आत्महत्या कर रहे हैं जबकि भाजपा की मध्यप्रदेश सरकार फसल के समर्थन मूल्य मांगने पर गोली चलावा रही है। वहीं भाकपा(मार्क्सवादी) के सचिव मंडल सदस्य का. वीरेंद्र प्रातप मिश्र ने कहा कि सरकार चुनाव में किए गए वादों को भूल गई है। निरंतर आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। घोषणा के बावजूद किसानों को कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल रहा है।
--------------------------------
इंसेट
किसान संगठनों की मुख्य मांगें
किसानों के सभी प्रकार के कर्जे माफ किए जाएं।
स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए।
60 वर्ष की उम्र सीमा पार करने में पेंशन दी जाए।
फसल का लाभकारी मूल्य दिलाया जाए।
बकाया गन्ना मूल्य का भुुगतान कराया जाए।
पत्रकारों ने धरना देकर कमिश्नर को ज्ञापन दिया
अतिक्रमण का फोटो लेने गए छायाकार को पीटने के आरोपी को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर एसीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जमानत मिल गई। जिस समय पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रही थी, उस समय पत्रकार आयुक्त कार्यालय पर धरना दे रहे थे। आनन-फानन में आरोपी की गिरफ्तारी और पुलिस का कोर्ट में पेश करना और त्वरित जमानत मिल जाने को लेकर पुलिस प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। धरने के बाद पत्रकारों की ओर से कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह को ज्ञापन दिया गया, जिसमें मुख्य आरोपी पवन तुलस्यान की गिरफ्तारी और गांधीनगर चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग शामिल है। अन्यथा की दशा में 19 जून से आयुक्त कार्यालय पर धरना देने की बात कही गई। इस पर कमिश्नर ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र लिखकर उन्हें प्रकरण से अवगत करा दिया।