महेश्वर नाथ मंदिर भोयर कलवारी के पास गिरा विद्युत पोल संवाद
कलवारी। बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत 100 से अधिक गांवों में सोमवार को भी आपूर्ति ठप रही। क्षतिग्रस्त पोल और तारों को ठीक करने का काम जारी रहा। बिजली न होने से लोग चौराहों पर पहुंचकर मोबाइल चार्ज करने को मजबूर हैं। अवर अभियंता अमित श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 40 से 50 गांवों में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। शेष गांवों में भी जल्द बिजली पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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व्यापार ठप, फ्रिज में रखा सामान खराब
नगर बाजार। बारिश थमने के बाद भी बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। इससे कारोबार प्रभावित है। उपभोक्ता पंकज सोनी ने बताया कि पांच दिन से बिजली नहीं आने के कारण व्यापार ठप है और फ्रिज में रखा सामान खराब हो गया है। मो. वारिस ने बताया कि बारिश के दौरान नगर में कई जगह पेड़ गिरने से बिजली के तार टूटकर जमीन पर पड़े हैं। वार्ड नंबर पांच, सात और 10 में तार अब भी रास्तों पर पड़े हैं, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। राजेश चौधरी ने बताया कि बिजली न होने से बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई और स्कूल की तैयारी भी प्रभावित हो रही है। अवर अभियंता मनोज कुमार सरोज ने बताया कि भारी बारिश और आंधी से फीडर में कई जगह फाॅल्ट आया है। पेड़ गिरने से कई स्थानों पर पोल और तार क्षतिग्रस्त हुए हैं। इन्हें दुरुस्त करने का काम चल रहा है।
हर्रैया के 350 गांवों में 84 घंटे से आपूर्ति बाधित
हर्रैया। क्षेत्र के करीब 350 गांवों में 84 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है। पेड़ गिरने से बेलभरिया, हसीनाबाद, केशवपुर, महराजगंज और अमारी फीडर प्रभावित हैं। इससे हजारों लोग परेशान हैं। सहायक अभियंता डीएन शर्मा ने बताया कि अभी किसी भी प्रभावित फीडर पर आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है। व्यवस्था सामान्य होने में दो से तीन दिन और लग सकते हैं। बिजली कटौती का असर मोबाइल टॉवरों पर भी पड़ा है। लंगड़ी गांव में लगा मोबाइल टॉवर तीन दिन से बंद है, जिससे आसपास के लोगों को नेटवर्क की समस्या हो रही है। केयरटेकर राममिलन ने बताया कि बिजली न होने से टॉवर बंद है। टेक्नीशियन बबलू यादव के अनुसार, ईंधन उपलब्ध नहीं होने से टॉवर का संचालन नहीं हो पा रहा है।