बरेली। बरेली कॉलेज में जंतु विज्ञान विभाग की प्रयोगशाला का कायाकल्प शुरू हो चुका है। ये प्रयोगशाला वर्ष 1989 से बिना मरम्मत के ही संचालित हो रही थी। प्रयोगशाला को स्मार्ट जूलॉजी लैब बनाने का प्रस्ताव प्रबंध समिति से स्वीकृत होने के बाद मंगलवार को स्नातक की लैब में टाइल लगाने का काम शुरू हो गया।
प्रो. बीनम सक्सेना ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए लंबे समय से कोशिश हो रही थी। जंतु विज्ञान की लैब को स्मार्ट बनाना नैक निरीक्षण के लिहाज से भी जरूरी है। अभी कक्षा के दौरान शिक्षकों को स्पेसिमेन (प्राणीशास्त्रीय नमूने) विद्यार्थियों को लाकर दिखाने होते हैं। स्मार्ट लैब बनने के बाद इनके लिए अलग से संग्रहालय बनाया जाएगा।
हर स्पेसिमेन की जानकारी एक क्यूआर कोड के माध्यम से मिल सकेगी। संग्रहालय को आधुनिक बनाने के लिए एलईडी फ्रेमिंग भी की जाएगी।प्रयोगशाला में स्मार्ट बोर्ड व व्हाइट बोर्ड भी लगाए जाएंगे। विद्यार्थियों को कॉरडेट (कशेरुकी) व नॉन-कॉरडेट(अकशेरुकी) के जंतुओं को दिखाया जाएगा।