स्वच्छ सर्वेक्षण में बरेली को अव्वल बनाने और पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए नगर निगम ने शादियों में जीरो वेस्ट अनिवार्य कर दिया है। निगम की टीमें इसकी निगरानी करेंगी। किसी भी समारोह में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित बरातघर संचालक पर जुर्माना लगाया जाएगा।
इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ने शहर के सभी बरातधर संचालकों के साथ बैठक कर निर्देश जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, एक शादी समारोह से औसत 2000 किलो कचरा निकलता है जो शहर की सफाई व्यवस्था के लिए चुनौती बनता है। इस दबाव को कम करने के लिए अब समारोहों में सजावट से लेकर खान-पान तक में सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्लास्टिक और थर्माकोल से बनी सामग्रियों के बजाय अब संचालकों को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने होंगे।
अफसरों ने बताया कि समारोह से निकलने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण का जिम्मा निगम उठाएगा, लेकिन इसके लिए बरातघर संचालकों को स्रोत पर ही कचरे का पृथक्करण करना होगा, यानी गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डस्टबिन में रखना होगा। ऐसा न करने की स्थिति में निगम कचरा उठाने से मना कर सकता है और अर्थदंड भी लगा सकता है। एसबीएम प्रभारी राजीव कुमार राठी ने बताया कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करना प्रशासन की प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।