भमोरा। जमानत कराकर लौट रहे एक पक्ष पर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इसमें बाबू और जाविद गंभीर घायल हो गए। अब 18 दिन बाद अस्पताल में इलाज के दौरान बाबू ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला जानलेवा हमले सहित कई धाराओं मेें तरमीम कर शुक्रवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, गांव हजरतपुर में दो पक्षाें में रंजिश चल रही थी। इसको लेकर 14 नवंबर को दोनों पक्षों में हुई मारपीट में आठ लोग घायल हुए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के दो-दो लोगों का चालान किया था। गांव हजरतपुर निवासी फाजिल रजा ने बताया कि लड़ाई होने के बाद पुलिस ने जाविद व सफी अलम का शांतिभंग में चालान किया था। जमानत कराकर भाई बाबू मुशर्रफ के साथ गांव लौट रहे थे कि गांव के पास पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे गांव निवासी खुर्शीद, इसलाम, पप्पू उर्फ शाहिद, मुस्लिम, अनिस, अमन,इअजीम,इमुजीम, आदिल, जारिफ, आस मोहम्मद, आरिस, जुनैद, अफसर ने डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल बाबू व जाविद को अस्पताल में इलाज के लिए भेजा। 14 सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 18 दिन बाद बाबू की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने बाबू के शव का पोस्टमॉर्टम कराया है।
शिकायत मिलने पर पुलिस ने मंगलवार रात को गांव के पास बाग में बने ट्यूबवेल के पास से खुर्शीद, इसलाम, पप्पू उर्फ शाहिद, मुजीम, अफसर को गिरफ्तार किया। एसओ भमोरा सनी चौधरी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। संवाद