जिला अस्पताल में क्वारंटीन मरीज की हालत बिगड़ने की सूचना पर पहुंचे अफसर।
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जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने ब्रेन हैमरेज बताकर इलाज से मना किया तो परिजनों ने किया हंगामा
बरेली। सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में क्वारंटीन किए गए एक युवक की बुधवार को तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे क्वारंटीन सेंटर से जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने ब्रेन हैमरेज बताकर इलाज में असमर्थता जताते हुए युवक को निजी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया तो परिजन आक्रोशित हो गए। उन्होंने जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने परिजनों को मामले की गंभीरता को जताते हुए शांत कराया।
जानकारी के मुताबिक, मिनी बाईपास स्थित कॉलोनी के रहने वाले युवक में कोरोना संक्रमण के लक्षण मिलने पर उसे तीन दिन पहले तीन सौ बेड वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में क्वारंटीन किया गया था। युवक की मंगलवार रात में हल्की तबियत खराब हुई थी। इस दौरान उसके परिजन अस्पताल में मौजूद थे। बुधवार की सुबह युवक की हालत ज्यादा खराब होने पर परिजन ने 108 पर कॉल कर एंबुलेंस से उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। सूचना पर अन्य परिजन भी पहुंच गए। जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों ने जांच के बाद ब्रेन हैमरेज बताकर इलाज में असमर्थता जताते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस पर परिजन ने इलाज न करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर और आइसीयू की सुविधा न होने की जानकारी दी तो वह आक्रामक हो गए। हालांकि सीएमओ डॉ. विनीत शुक्ला, एसीएमएस डॉ. एके गौतम ने परिजनों को किसी तरह समझाया।
ईएमटी न आने से बढ़ी दिक्कत
हालत बिगड़ने पर मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस में युवक को जिला अस्पताल लाने के दौरान ईएमटी साथ नहीं था। जिस वजह से मरीज को उतारने और उसकी एंट्री कराने को लेकर भी अस्पताल में विवाद हुआ। सीएमओ ने मामले पर जांच कराने की बात कही है।