ढाबे के लगाए चक्कर तो सिपाहियों से उठवाया
सोमवीर ने बताया कि उस दिन के बाद से वह प्रेम के घर व अन्य संभावित जगह उसे तलाश कर रहे थे, लेकिन वह नहीं मिल रहा था। उन्हें उम्मीद थी कि प्रेम अपने ढाबे पर जरूर आएगा। इसलिए वह रोज ढाबे पर जाकर बैठने लगे। बताया कि रुपये वापस लेने के लिए वह 14 मई को जब प्रेम के ढाबे पर बैठे थे तो चार पुलिसकर्मी वहां आए। इनमें से दो वर्दी में और दो सादा कपड़ों में थे।
चारों ने उन्हें उठाकर कार में डाला और बारादरी थाने ले आए। यहां अपने निजी क्वार्टर में बंद करके उन्हें दो दिन तक धमकाया और दस लाख रुपये भूल जाने के लिए कहा। सोमवीर गिड़गिड़ाए तो उनसे कहा कि अपने घरवालों से रुपये मंगवा लें। बाद में सोमवीर को छोड़ने के बदले उनके परिजनों से पचास हजार रुपये वसूले और तीसरे दिन चेतावनी देकर छोड़ दिया।
जांच में खुला मामला
सोमवीर ने बताया कि 25 मई को उन्होंने एसएसपी अनुराग आर्य से मिलकर उन्हें अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। एसएसपी से प्रॉपर्टी डीलर और अन्य आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। एसएसपी ने आरोपों की जांच कराई और फिर उनकी बात को सही मानकर कार्रवाई कर दी। एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि भ्रष्टाचार व कदाचार करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अधिकतम कार्रवाई की जाएगी।