बरेली। जिले के परिषदीय विद्यालयों में नवीन शिक्षा सत्र शुरू हो चुका है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक किताबें नहीं पहुंचाई जा सकी हैं। आलम यह है कि नगर क्षेत्र के विद्यालयों में ही बच्चों को पुरानी किताबों से पढ़ाई करनी पड़ रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
मंगलवार को नगर क्षेत्र के कई विद्यालयों की पड़ताल की गई। इसमें अधिकतर विद्यालयों में बच्चे पुरानी किताबों से ही पढ़ते मिले। बेंच के अभाव में बच्चे जमीन पर बैठे मिले तो कहीं विद्यालय समय में स्मार्ट टीवी भी ताले में बंद मिला। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करीब 24 लाख किताबें वितरित की जानी हैं, लेकिन अब तक सिर्फ नौ लाख ही बांटी जा सकी हैं।
प्राथमिक विद्यालय चीनी मिल
यहां विद्यालय में कम संख्या में बच्चे उपस्थित थे। दोपहर एक बजे कम रोशनी में टिनशेड के नीचे बैठे बच्चे पुरानी किताबें पढ़ रहे थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि यहां स्मार्ट टीवी भी लगाया गया है, लेकिन चोरी होने के डर से उसे ताले में बंद कर रखा है। फर्नीचर न होने की वजह से बच्चे जमीन पर बिछी दरी पर बैठकर पढ़ाई करते मिले।
प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर
यहां दोपहर 1:20 बजे काफी संख्या में बच्चे उपस्थित थे जो की पुरानी किताबों से ही पढ़ाई कर रहे थे। स्मार्ट टीवी यहां भी नहीं चल रहा था। फर्नीचर न होने से बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि बच्चों को नियमित पढ़ाया जा रहा है। पुरानी किताबों से और बोर्ड पर सवाल लिखकर पढ़ाई हो रही है।
कंपोजिट विद्यालय वीरभट्टी
यहां 200 बच्चे पंजीकृत हैं। दोपहर 1:36 बजे यहां बच्चे एक कक्षा में बैठे हुए थे। इसमें कुछ फर्नीचर तो कुछ जमीन पर बिछी दरी पर बैठकर पुरानी किताबें पढ़ रहे थे। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि किताबें प्राप्त नहीं हुई हैं। इसलिए पुरानी किताबों से पढ़ाया जा रहा है।
वर्जन...
विद्यालयों में किताबों के वितरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कुछ समय बाद सभी जगह किताबें पहुंच जाएंगी। - संजय सिंह, बीएसए