आप शाहजहांपुर से बोल रहे हैं। मैं विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित बोल रहा हूं.. इन्हें आपके पास भेज रहा हूं.. इनका काम कर देना। पुवायां का युवक गौरव मिश्रा इस तरह अफसरों को फोन करके रौब दिखाता था। उसकी बातों में आकर कई अफसरों ने काम भी कर दिया था।
मगर एसपी एस आनंद को फोन करते समय वह खुद को विधानसभा अध्यक्ष बताने से पहले माननीय लगा बैठा। यही गलती उसे भारी पड़ गई। फिर एसओजी ने उसे दबोच लिया।
एसपी एस. आनंद ने बताया कि 10 जुलाई को उनके सीयूजी नंबर पर एक युवक का फोन आया। उसने अपने आपको विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित बताया। उसने किसी व्यक्ति को भेजने की बात कहते हुए उससे मिल लेने को कहा।
एसपी ने बताया कि उन्हें संदेह हुआ कि इतने बड़े राजनीतिक व्यक्ति इस तरह की बात नहीं कर सकते। उन्होंने युवक का नंबर सर्विलांस पर लगाया। तब पता चला कि फोन करने वाला युवक पुवायां निवासी गौरव मिश्रा है। फिर उसको पकड़ने के लिए एसओजी टीम को लगा दिया।