लॉकडाउन में डूब गया कारोबार, फाइनेंस कंपनी बना रही थी दबाव
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दस लाख का होम लोन और दो लाख का लिया था पर्सनल लोन
बरेली। लॉकडाउन में कारोबार चौपट हो जाने की वजह से होम लोन और पर्सनल लोन की किस्तें न भर पाने की मजबूरी एक युवा व्यापारी की जिंदगी पर भारी पड़ गई। फाइनेंस कंपनी के दबाव की वजह से मानसिक तनाव से घिरने के बाद शनिवार रात उसने अपने निर्माणाधीन घर में ही फंदे पर लटककर खुदकुशी कर ली।
प्रेमनगर के मोहल्ला ब्रह्मपुरा में रहने वाले 22 वर्षीय सचिन का लोहे की अलमारी बनाने का कारोबार था। अपना घर बनाने के लिए तीन साल पहले सचिन ने एक फाइनेंस कंपनी से दस लाख रुपये का होम लोन लिया था। बिजनेस में लगाने के लिए एक बैंक से भी दो लाख रुपये का पर्सनल लोन लिया। कुछ किस्तें भी चुकाईं लेकिन पिछले साल मार्च में लॉकडाउन लगने के बाद सचिन का कारोबार बंद हो गया। इस साल जनवरी में जैसे-तैसे वह अपने कारोबार को फिर पटरी पर लाए लेकिन अप्रैल में दोबारा लॉकडाउन लगा तो कारोबार में और बुरी हालत हो गई। उनकी लोन की किस्तें भी टूटने लगीं। इससे वह मानसिक तनाव में थे।
पिता कौशल कुमार ने बताया कि कई दिनों से सचिन काफी परेशान थे। शनिवार शाम उनसे बातचीत के बाद सचिन दूसरे मकान पर चले गए। शाम साढ़े सात बजे तक वह नहीं लौटे तो उन्होंने इधर-उधर फोन किया। कोई पता न लगने पर दूसरे मकान के पड़ोसी वहां भेजा। उन्होंने बताया कि सचिन की बाइक घर के बाहर खड़ी है। इसके बाद वह अपने भतीजे वीरेंद्र के साथ पहुंचे तो सचिन का शव दरवाजे की विंडो में दुपट्टे से लटका मिला। जीवित होने की उम्मीद में उन्होंने उसे फौरन नीचे उतारा लेकिन तब तक सचिन की मौत हो चुकी थी। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।