सीएमई में डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से बचाव के सुझाए तरीके
बरेली। हार्ट अटैक (दिल का दौरा) पड़ने पर छाती समेत बायीं भुजा में तेज दर्द, सांस फूलना, जी मिचलाना, पसीना समेत चक्कर आने लगता है। अगर ऐसी स्थिति हो तो देरी के बजाय अगर घंटे भर के अंदर (गोल्डन ऑवर) पीड़ित अगर अस्पताल पहुंच जाए तो उसकी जान बचाई जा सकती है। यह जानकारी गुरुवार को आईटीबीपी बुखारा कैंप में आयोजित सीएमई के दौरान ह्रदय रोग विशेषज्ञों ने दी। उनके मुताबिक हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों को पहचाने में देरी करने की वजह से ही ज्यादातर लोगों को जान गंवानी पड़ती है।
आईटीबीपी बुखारा कैंप में चल रही पूर्वी सीमांत दो दिवसीय सीएमई का गुरुवार को समापन हो गया। आखिरी दिन अर्द्धसैनिक बल समेत रुहेेलखंड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने विभिन्न बीमारियों के लक्षण, उनसे निदान और बचाव संबंधी जानकारियों साझा की। इस दौरान क्षेत्रीय मुख्यालय के उपमहानिरीक्षक जीसी उपाध्याय, सेनानी जीएन चोई, सीएमओ डॉ. राधेश्याम भारती समेत अन्य वाहिनी ओर फार्मेशनों से आए चिकित्साधिकारियों ने हार्ट अटैक, कोरोना वायरस आदि बीमारियों पर चर्चा की।