सीएम योगी आदित्यनाथ चाहते हैं कि मेयर भी अबकी भाजपा का हो। इसीलिए मेयर चुनाव में बाकी पार्टियों के मुकाबले भाजपा के स्टार प्रचारकों के जरिये पूरी ताकत झोंक दी। सीएम के इशारे पर भाजपा प्रत्याशी उमेश गौतम के लिए सबको साथ लेकर रोड शो भी निकाला। इस रोड शो से भाजपा की एकजुटता और ताकत का अंदाजा पूरे शहर को करवाना था, मगर शो तिलक कॉलेज से कालीबाड़ी-नगर निगम तक सिमटकर रह गया। इससे रोड शो में अपने धुरंधरों की एकजुटता और जोश का संदेश पूरे शहर में जोरदार तरीके से प्रसारित होने से रह गया। कम से कम हिंदू बाहुल्य इलाकों में तो रोड शो का इंतजार लोगों को था ही। कहने को तो रोड शो में दोनों सांसद, सभी विधायक और संगठन के अधिकतर नेता-कार्यकर्ता साथ-साथ रहे, मगर उमेश गौतम की तरह चेहरे पर जोश और उत्साह शहरवासियों को महसूस नहीं हुआ। जनसभा में सीएम के मंच पर कुर्सी से महरूम रहे विधायक पप्पू भरतौल ने तो पहले ही किनारा कर लिया। हालांकि खुले तौर पर अपना दर्द करने के बजाय राजनीतिक अंदाज में बोले- हमारे साथी कार्यकर्ता और शहरवासी जब पैरों पर हैं तो हममें भी बहुत खून है.. हम पदयात्रा करेंगे अपनी भाजपा के लिए। उनके साथ पदयात्रा में विधायक केसर सिंह भी साथ हो लिए। बाकी विधायक भी हटे-बचे से शहरवासियों को दिखाई पड़े। बड़े जोश और उम्मीद से भाजपा में आए डॉ. अनिल शर्मा सीएम की जनसभा में किनारे रहने की उदासी सोमवार को भी दूर नहीं कर सके। रथ पर उन्हें एक किनारे लटकते देखा तो शहरवासियों में फिर चर्चा छिड़ गई। पार्टी के लिए हमेशा जुटे रहने वाले केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार को भी मेयर प्रत्याशी के पीछे से झांकते देख पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ता जोश में दिखे। टिकट कटने के बावजूद अगले ही दिन से उमेश गौतम के साथ दिख रहे पूर्व मेयर प्रत्याशी गुलशन आनंद हमेशा की तरह सतीश रोहतगी के साथ सबसे आगे दिखाई दिए। टिकट बंटवारे से लेकर सीएम की जनसभा, डिनर, टी पार्टी की तरह शो में भी सबसे ज्यादा दिखने वालों में उमेश गौतम के बाद मंत्री राजेश अग्रवाल का जोश देखने वाला था। हालांकि तिलक कॉलेज से कुतुबखाना चौराहे पर आकर वे संतोष गंगवार, सांसद धर्मेंद्र कश्यप और दो विधायकों के साथ रथ से उतर गए। चर्चा फैली तो उन्होंने साफ कर दिया कि कालीबाड़ी में स्वागत के लिए जाना था। साथ उतरी बाकी हस्तियों को भी समर्थक ढूंढते रहे।आलमगिरीगंज से लेकर कालीबाड़ी तक जगह-जगह नदारद मंत्रियों, सांसद, विधायकों को लेकर चर्चा रही। कालीबाड़ी पर राजेश अग्रवाल को देखकर समर्थकों में एकजुटता का भाव फिर जाग गया। जुलूस कालीबाड़ी में ही खत्म होना था और उमेश गौतम रथ से उतर भी गए, मगर विधायक पप्पू भरतौल और केसर सिंह की गुजारिश पर रथ नगर निगम तक ले जाने पर सहमति बनी। हालांकि बरेली कॉलेज चौराहे के बाद रथ दूसरी ओर गया और काफिला दूसरी ओर। रामपुर बाग और सिविल लाइंस इलाके भाजपा समर्थकों के साथ सिविल लाइंस मार्केट के व्यापारियों को भी रोड शो का इंतजार था। कुछ भाजपा नेता चाहते भी थे कि रथ शहर के सिविल लाइंस, रामपुर बाग, अयूब खां, प्रेमनगर, एमबी कॉलेज इलाकों समेत शहर के बड़े हिस्से में घूमे और तगड़ा संदेश जाए, मगर झटपट रोड शो निपटाने का संदेश शहरवासियों के गले नहीं उतरा। हालांकि अब तक दूसरे चुनावों मे ंरोड शो को देखते रहे पुराने कार्यकर्ताओं में उमेश गौतम के अपने दमखम की चर्चा भी रही।