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इस सर्दी में तीसरी बार येलो अलर्टः मकर संक्रांति तक राहत नहीं और कड़ा इम्तहान लेगी सर्दी

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प्रतीकात्मक । - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर प्रशासन को दिए ठंड से बचाव के इंतजाम करने के निर्देश

बरेली। तीन दिनों से बर्फीली हवाओं से ठिठुर रहे शहर के लोगों को कम से कम दो दिन और राहत नहीं मिलेगी। मौसम विभाग ने इस सीजन में तीसरी बार बरेली समेत पहाड़ों से सटे मैदानी इलाकों में येलो अलर्ट जारी कर कड़ाके की ठंड पड़ने की चेतावनी देते हुए प्रशासन को बचाव के इंतजाम करने का सुझाव दिया है। इस बीच मंगलवार को भी दिन भर धूप नही निकली जिसकी वजह से पारा दो डिग्री सेल्सियस और गिर गया।
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आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों पर बने उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर बर्फीली हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं जिसकी वजह से मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अब येलो अलर्ट जारी कर मौसम के और खराब होने का संकेत दिए हैं। डॉ. गुप्ता ने मकर संक्रांति के बाद ही ठंड से कुछ हद तक राहत मिलने का अनुमान जताया है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक इन दिनों में लगातार बादल बने रहेंगे जो अनुकूल माहौल बनने पर बरस भी सकते हैं। डॉ. गुप्ता ने बताया कि हवा की तीव्रता छह से आठ किमी घंटा रिकॉर्ड हो रही है जो सामान्य से अधिक है। पहाड़ों से आ रही सर्द और तेज हवाएं ही ठिठुरन का एहसास करा रही हैं। दिन भर धूप न निकलने से तापमान में भी मंगलवार को दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट रिकॉर्ड की गई है। अधिकतम तापमान सामान्य से सात डिग्री कम 13.5 डिग्री और न्यूनतम सामान्य से दो डिग्री कम 6.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी सौ फीसदी रिकॉर्ड हुई है।

मौसम के पलटी मारने से किसानों को राहत

पिछले दिनों खिल रही चटख धूप से खेतों में सिंचाई के लिए परेशान हो रहे किसानों को सर्द मौसम ने काफी राहत पहुंचाई है। जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र चौधरी के मुताबिक, सर्द मौसम गेहूं, सरसों, चना, मटर आदि फसलों के लिए संजीवनी की तरह है। जिससे सिंचाई की कम जरूरत होगी और दाने भी भरेंगे। हल्की बारिश से भी कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा मगर तेज बारिश होने पर खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करनी होगी।
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