एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 33 एकड़ भूमि की जरूरत
एयरपोर्ट के विस्तार के लिए सर्वे बीते माह पूरा हो चुका है। करीब 28.5 एकड़ भूमि एयरपोर्ट के आसपास बसे किसानों से और पांच एकड़ एयरफोर्स से लेने संबंधी रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी जा चुकी है। सर्किल रेट के तहत किसानों को करीब 80 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना प्रस्तावित है। इसमें तीन हजार वर्गमीटर के भवन को 15 हजार वर्गमीटर तक विस्तार दिया जाना प्रस्तावित है। एयरपोर्ट में ए-321 प्रकार के तीन विमानों के लिए एप्रेन है। इनकी संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी। एयरफोर्स तक टैक्सी-वे बनेगा। विस्तार का खाका भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने बनाया है।
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आगरा फोर्ट के नियमित संचालन पर मायूसी
देहरादून-लखनऊ और मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन शुरू हो चुका है। साल खत्म होते-होते मेरठ-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस के अयोध्या, वाराणसी तक विस्तार को भी मंजूरी मिल गई। बरेली-मुंबई स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की उम्मीद भी वर्ष 2024 में जगी। स्लीपर वंदे भारत के संचालन के लिए दो रूटों की समय सारिणी भी तैयार कर ली गई है। अगले साल इस ट्रेन का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का नियमित संचालन शुरू नहीं हो सका। बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में एचएलबी कोच और इस ट्रेन को सप्ताह में एक के स्थान पर दो दिन संचालन की मांग भी इस साल पूरी नहीं हो सकी।
लखनऊ, गोरखपुर के लिए मिली नई रेल लाइन
इस वर्ष बरेली को लखनऊ और गोरखपुर से जोड़ने के लिए एक नई रेल लाइन भी मिल गई। भोजीपुरा से पीलीभीत, शाहगढ़ होते हुए लखनऊ, गोरखपुर तक रेलवे कनेक्टविटी शुरू हो गई। इस नई रेल लाइन से दिवाली और छठ पूजा के दौरान लालकुआं से हावड़ा तक विशेष ट्रेनों का संचालन भी किया गया। हालांकि, अभी इस लाइन पर नियमित ट्रेनों की संख्या काफी कम है।
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बहेड़ी में खुला वाहन स्क्रैप सेंटर
इस साल बहेड़ी में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए परिवहन विभाग का अधिकृत स्क्रैप सेंटर भी खुल गया। परसाखेड़ा में परिवहन भवन के निर्माण के लिए बजट जारी होने के साथ निर्माण भी शुरू हो गया। फिलहाल, परिवहन विभाग का कार्यालय नकटिया स्थित किराये के भवन में संचालित हो रहा है। जिले में एआरटीओ हाईवे का नया पद भी सृजित किया गया है।
शहर में दौड़ रहीं ई-बसें, मेट्रो के लिए सर्वे पूरा
शहर से देहात तक पांच रूटों पर ई-बस सेवा शुरू होने से लोगों को काफी सहूलियत मिली। बरेली-आंवला-मनौना धाम, बरेली-शीशगढ़, बरेली-शेरगढ़ रूटों पर 25 ई-बसों का संचालन शुरू किया गया। आम लोगों के लिए सिटी बसों की बुकिंग की सेवा भी शुरू की गई। सिटी बसों की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 करने की कवायद भी चल रही है।
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शहर में दो रूट पर 20 स्टेशनों के बीच दो कोच की मेट्रो दौड़ाई जानी है। फिजिबिलिटी सर्वे के बाद अब डीपीआर बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है। इस प्रोजेक्ट पर 5000 करोड़ रुपयेखर्च होने का अनुमान है। डीपीआर तैयार होने के बाद अगले साल की शुरूआत में इसे मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। इसके बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
रोडवेज के बेड़े की हालत सुधरी, पर सुविधाओं का टोटा बरकरार
रोडवेज बसों के बेड़े की औसत आयु के लिए वर्ष 2024 काफी बेहतर रहा। इस वर्ष बरेली परिक्षेत्र को 240 से ज्यादा नई बसें मिलीं। पुराने रोडवेज बस अड्डे पर ई-बस डिपो बनाए जाने की स्वीकृति भी मिल गई। रोडवेज अगले साल से 150 किमी तक के रूटों पर डीजल के स्थान पर ई-बसों का संचालन करेगा। इसके लिए काम भी शुरू हो गया है। बरेली परिक्षेत्र को 10 वॉल्वो बसों की स्वीकृति भी मिल गई है। वहीं, बस अड्डों पर यात्री सुविधाओं की कंगाली दूर नहीं हो सकी।
पुराना बस अड्डा पूरे साल कायाकल्प का इंतजार करता रहा। यात्री सुविधाओं के नाम पर यहां कोई काम नहीं कराया गया। शासन से मंजूरी मिलने के बाद भी सेटेलाइट बस अड्डे का विकास अटका रहा। यहां 20 हजार वर्गमीटर में बहुमंजिला शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और भूमिगत बस टर्मिनल बनाया जाना है। हालांकि, सेटेलाइट बस अड्डे के ऊबड़-खाबड़ सर्कुलेटिंग एरिया में इंटरलॉकिंग का काम करा दिया गया। इधर, मिनी बाइपास पर 16.72 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे बस अड्डे का निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया।