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Bareilly News: शहर के हर वार्ड में होंगे एक करोड़ के काम, पुनरीक्षित बजट को मिली मंजूरी

Sun, 30 Nov 2025 02:50 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में नगर निगम कार्यकारिणी ने शनिवार को दो सौ करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही वित्त वर्ष की शुरुआत में स्वीकृत आठ सौ करोड़ रुपये का मूल बजट का स्वरूप बढ़कर अब 978 करोड़ हो गया है।
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नगर निगम में हुई कार्यकारणी की बैठक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में नगर निगम कार्यकारिणी ने शनिवार को दो सौ करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही वित्त वर्ष की शुरुआत में स्वीकृत आठ सौ करोड़ रुपये का मूल बजट का स्वरूप बढ़कर अब 978 करोड़ हो गया है। महापौर उमेश गौतम की अध्यक्षता में शनिवार सुबह 11 बजे हुई बैठक में तय किया गया कि हर वार्ड में एक-एक करोड़ के विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए 15 दिसंबर की समय सीमा तय की गई है। महापौर ने कहा कि इसमें सुस्ती बरतने वाले अभियंताओं व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। इस बजट का वास्तविक असर तब दिखेगा, जब वार्ड स्तर पर विकास कार्य समय से शुरू हो सकेंगे।

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बैठक में आय और व्यय दोनों बिंदुओं पर मंथन किया गया। सड़कों, नालियों, स्ट्रीट लाइटों, पार्कों के रखरखाव आदि पर चर्चा हुई और कार्यकारिणी ने सहमति दी। हाईमास्ट लाइटों के सवाल पर महापौर ने अधिकारियों पर हमला बोला। कहा कि दिवाली से पहले हर वार्ड में 10 हाईमास्ट लगाने के लिए निर्देश दिए थे। इसके बाद भी लाइटें नहीं लगाई गईं। हर वार्ड में 100-100 लाइटें देने की बात कही। हाईमास्ट लाइटों की खरीद व टेंडर के बारे में प्रकाश प्रभारी अजीत सिंह कोई जवाब नहीं दे सके। बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। 

24 घंटे से अधिक न रुके फाइल 
महापौर ने कहा कि नगर निगम का भरा खजाना धूल फांक रहा है। इसके बावजूद विकास के कामों में देरी हो रही है। अफसर कागजों के बजाय धरातल पर विकास कराएं। विकास से संबंधित फाइलें एक से दूसरे कार्यालय में घूमती रहती हैं। नगर आयुक्त और उनका कार्यालय आमने-सामने है। इसके बाद भी एक फाइल नौ दिन तक किस के मेज पड़ी रही? लिपिक या अधिकारी 24 घंटे से अधिक फाइल को रोकेंगे तो कार्रवाई होगी। खाते में मौजूद तीन करोड़ रुपये खर्च नहीं करने पर जलकल के महाप्रबंधक मनोज कुमार आर्य को भी फटकार लगाई गई।
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यहां से होगी आय
गृहकर व्यावसायिक 40 करोड़, आवासी 27.60 करोड़, विज्ञापन शुल्क 5.50 करोड़, संपत्तियों के किराये से तीन करोड़, पट्टों का अधिशुल्क प्रीमियम चार करोड़, जलकर व्यावसायिक 26.45 करोड़, जलकर गैर व्यासायिक 17.25 करोड़, जल मूल्य तीन करोड़, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के यूजर चार्ज से आठ करोड़, राज्य वित्त आयोग से 22 करोड़, 15वें वित्त की टाइड ग्रांट से 54 करोड़, अनटाइड ग्रांट से 47 करोड़, स्वच्छ भारत मिशन से पांच करोड़, अमृत योजना से दो करोड़, कान्हा पशु आश्रय योजना से तीन करोड़, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम से 70 करोड़ की आय आंकी गई है। 
यहां खर्च होगी रकम
नजारत पर दो करोड़, सरकारी संपत्तियों-प्रतिष्ठानों पर 1.75 करोड़, सड़कों, नालियों पर राज्य वित्त आयोग मद से एक करोड़, नगर निगम निधि से दो करोड़, 15वें वित्त आयोग के टाइड ग्रांट से 15 करोड़, अनटाइड ग्रांट से 25 करोड़, सीवर व पेयजल के लिए राज्य वित्त आयोग से नौ करोड़, नगर निगम निधि से दो करोड़ खर्च करेगा। गोवंश को खिलाने पर तीन करोड़, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन पर पांच करोड़, नाला सफाई पर 6.50 करोड़, सार्वजनिक स्थलों व सड़कों की सफाई पर 7.50 करोड़, लीगेसी वेस्ट निस्तारण पर 22 करोड़, पर्यावरण सुरक्षा पर एक करोड़, राष्ट्रीय वायु स्वच्छ कार्यक्रम के तहत 52 करोड़ व वाहनों के डीजल पर 13 करोड़ खर्च करेगा।  

महापौर उमेश गौतम ने बताया कि वर्ष 2018 में नगर निगम का बजट महज 232 करोड़ था जो बढ़कर एक हजार करोड़ तक पहुंच गया है। अगले वित्त वर्ष में एक हजार करोड़ से अधिक का बजट पेश होगा। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि कार्यकारिणी समिति के सामने पुनरीक्षित बजट बैठक में विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। विकास के कामों में तेजी लाएं, इसको लेकर निर्देश दिए हैं। 

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