शहर का पहला पुल जिसमें इस्तेमाल की जा रही यह तकनीक
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सेतु निगम का दावा दूसरे पुलों से ज्यादा मजबूत होगा चौपुला फ्लाईओवर
बरेली। निर्माणाधीन चौपुला फ्लाईओवर पर रविवार को स्टील स्पॉन चढ़ाने का काम शुरू कर दिया गया। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक चौपुला बरेली का पहला पुल है जिस पर इस नई तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक से पुल को अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूती मिलेगी।
चौपुला फ्लाईओवर पर दिल्ली और बदायूं की ओर आने-जाने वाला ट्रैफिक गुजरेगा। ट्रैफिक का दबाव देखते हुए इस पुल की चौड़ाई ज्यादा रखी गई है, साथ ही सेतु निगम पिलर पर स्टील के स्पॉन रखने जैसी नई तकनीक का भी इस्तेमाल कर रहा है। सेतु निगम के अधिकारियों के मुताबिक स्टील स्पॉन डालने के बाद बीम डालने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पुल भी दिखने में ज्यादा खूबसूरत लगेगा। स्लैब के नीचे वाइड स्पॉन पड़ने से पुल की भार वहन करने की क्षमता शहर के दूसरे पुलों से बेहतर होगी। दो ब्रांच पुलों के साथ यह शहर का पहला थ्री लेन पुल होगा।
सेतु निगम के अभियंता वीके सेन के मुताबिक पुल टी शेप के बजाय वाई शेप में आयताकार पिलर पर तैयार हो रहा है। पुल के कुल 22 पिलर में से 15 पिलर तैयार किए जा चुके हैं। पटेल चौक की ओर पांच और बदायूं की ओर दो और पिलर बनाए जाने हैं। पिलर के ऊपर गोलाकार डेक होगी। 780 मीटर लंबे थ्री लेन पुल की चौड़ाई 11.5 मीटर होगी। दोनों किनारों पर फुटपाथ के साथ बीच में ट्रैफिक के लिए साढ़े 10 मीटर की सड़क होगी। पुल पर कंक्रीट की रेलिंग होगी जो सुरक्षा के लिहाज से ज्यादा बेहतर होगी। उन्होंने बताया कि दूसरे पुलों की तुलना में इस पुल की डिजाइन और तकनीक दोनों में काफी अंतर है। वाई शेप होने के कारण यह पुल कम जगह में तैयार होगा।