साइबर थाने आए पीड़ित से बातचीत करते दरोगा।
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मंडल के उलझाऊ मामले ही होंगे ट्रांसफर, इकलौते मामले की विवेचना में जुटे इंस्पेक्टर
बरेली। एक जून को खुले रेंज के साइबर थाने की व्यवस्थाएं अब पटरी पर आने लगी हैं। पीलीभीत से इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने यहां आकर थाना प्रभारी पद का कार्यभार ले लिया है। तकनीकी दक्ष दरोगा भी ड्यूटी पर आ गए हैं।
जल्दबाजी में खोलने के बाद से अव्यवस्थाओं से जूझ रहे साइबर थाने में अब कामकाज रफ्तार पकड़ने लगा है। थाने को सीसीटीएनएस से जोड़कर जीडी चालू कर दी गई है। यहां एक एफआईआर भी पंजीकृत की गई है। वहीं तकनीकी स्टाफ बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। डीआईजी ने पीलीभीत में तैनात इंस्पेक्टर अनिल कुमार को प्रभारी बनाया है। सोमवार को उन्होंने कार्यभार संभाल लिया। कंप्यूटर साइंस में बीटेक दरोगा शशांक सिंह के साथ दो अन्य दरोगाओं ने भी ज्वाइनिंग ले ली है। कुल मिलाकर अब नौ लोगों का स्टाफ यहां तैनात है।
रुहेलखंड विवि पहुंचे इंस्पेक्टर, प्रोफेसर के ईमेल हैक की जांच शुरू
एसएसपी के निर्देश पर रविवार को साइबर थाने में पहला मामला दर्ज किया गया था। इसमें रुहेलखंड विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग फैकल्टी के डीन प्रोफेसर शरद पांडेय की ओर से अज्ञात आरोपी के खिलाफ ई-मेल हैक करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने सोमवार को प्रोफेसर पांडेय से मुलाकात की। उनसे बात करके पता लगाने की कोशिश की कि साजिश के पीछे कोई स्थानीय शख्स तो नहीं है। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रोफेसर ने दो दिन में आंतरिक जांच करने के बाद उन्हें बुलाया है। इसके बाद वह उनके बयान दर्ज कर जांच आगे बढ़ाएंगे।
साइबर थाने में तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ और संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। आईटी एक्ट के सभी केस यहां फिलहाल ट्रांसफर नहीं होंगे। फिलहाल उन्हीं केस को ट्रांसफर किया जाएगा जिन्हें जिला स्तर पर सुलझाने में कठिनाई आ रही होगी। इसी श्रेणी के नए अपराध सीधे दर्ज किए जा सकेंगे। - राजेश पांडेय, डीआईजी