बरेली। मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना फेज-2 का काम छह माह की देरी के बाद आखिरकार शुरू कर दिया गया है। कोहाड़ापीर रोड पर रविवार को जेसीबी लगाकर खोदाई कराई गई। इस वजह से वहां लंबा जाम लगा। दिनभर राहगीरों को दिक्कत झेलनी पड़ी।
योजना के तहत कोहाड़ापीर रोड के एक तरफ सीवर लाइन डालने के लिए पहले ही गड्ढे खोदे जा चुके हैं। रविवार से जेसीबी से दूसरी ओर भी खोदाई शुरू कर दी गई। सड़क के दोनों तरफ एक साथ काम चलने और रास्ता संकरा होने के कारण कोहाड़ापीर से लेकर भारत सेवा ट्रस्ट के बीच दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। वाहन रेंगकर गुजरे। इसी बीच हुई हल्की बारिश ने राहगीरों की मुसीबत और बढ़ा दी। इससे रोड के किनारों पर जलभराव और कीचड़ हो गया।
स्थानीय व्यापारियों के विरोध के चलते फेज-2 का यह काम अपने निर्धारित समय से करीब छह महीने की देरी से शुरू हुआ है। काम को रफ्तार देने के लिए नगर निगम पहले ही रोड किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को चिह्नित कर बुलडोजर कार्रवाई कर चुका है। कई दुकानदारों और भवन स्वामियों ने खुद ही अपना अतिक्रमण हटा लिया था। अब प्रशासन इस परियोजना को जल्द पूरा करने के प्रयास में है। एक्सईएन राजीव राठी ने बताया कि कोहाड़ापीर वाले रास्ते पर सीएम ग्रिड योजना का काम शुरू हो गया है। काम को जल्द पूरा कराना प्राथमिकता है।
मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
47.74 करोड़ रुपये की लागत से कोहाड़ापीर रोड के 2.4 किलोमीटर हिस्से का सुदृढ़ीकरण कराया जाएगा। जलभराव से निपटने के लिए भूमिगत सीवर की अत्याधुनिक व्यवस्था की जा रही है। बिजली की लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। पैदल चलने वालों के लिए पाथ-वे, आधुनिक स्ट्रीट लाइटें और सड़क के किनारों को खूबसूरत बनाने के लिए आकर्षक लैंडस्केपिंग का कार्य भी कराया जाएगा।
स्थगन आदेश के चलते नैनीताल रोड का काम रुका
सीएम ग्रिड फेज-2 के तहत नैनीताल रोड पर भी काम होना है, पर हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की वजह से यह अटक गया है। दरअसल, तीन महीने पहले नगर निगम की टीम जब नैनीताल रोड पर अतिक्रमण हटाने पहुंची तो स्थानीय निवासियों ने इसका विरोध किया। कुछ निवासियों ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की ओर से पास कराया गया नक्शा प्रशासनिक टीम के सामने रखा। निवासियों ने दावा किया कि उनकी कॉलोनी पूरी तरह वैध और स्वीकृत है, जबकि नगर निगम उसे अतिक्रमण मान रहा था। विवाद बढ़ने पर कॉलोनी के लोग हाईकोर्ट चले गए। अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए स्थगन आदेश दे दिया। इससे वहां काम ठप है। अधिकारियों का कहना है कि कोर्ट में पैरवी की जा रही है। जैसे ही यह कानूनी विवाद सुलझेगा, नैनीताल रोड पर भी विकास कार्य शुरू करा दिया जाएगा।