नगर निगम के कर्मचारियों की जिद की वजह से सोमवार को शहर में कहीं भी सार्वजनिक अलाव नहीं जले। भीषण सर्दी में रोजाना इन अलावों के सहारे रात काटने वाले लोग सोमवार को रात भर इधर-उधर भटकते रहे। दरअसल शीतलहर और सर्दी के कहर के बीच रविवार की शाम ट्रैक्टर ट्रॉली से अलाव के लिए लकड़ी डालने पहुंचे नगर निगम के कर्मचारियों को सुभाषनगर में लोगों ने घेरकर लकड़ी लूट ली थी। कर्मचारियों से मारपीट भी कर दी। कर्मचारियों की शिकायत पर अफसरों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने न रिपोर्ट दर्ज की न कर्मचारियों को सुरक्षा दिलाई। इस पर भड़के कर्मचारियों ने सोमवार को कहीं भी अलाव नहीं जलाए।
रविवार रात करीब आठ बजे नगर निगम कर्मचारी मुन्ने, असलम, छुट्टन, तेजपाल आदि बदायूं रोड पर सुभाषनगर में नाले के पास अलाव जलाने के लिए ट्राली में लकड़ी लेकर पहुंचे थे। यहां लकड़ी डालने के दौरान ही सात-आठ लोगों ने उन्हें घेर लिया और सारी लकड़ी वहीं डालने को कहा। कर्मचारियों ने उनका विरोध किया तो मारपीट कर सारी लकड़ी लूट ली। कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आ गईं। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले साल भी इसी जगह लकड़ी लूट ली गई थी। इसको लेकर अधिशासी अभियंता विकास कुरील की ओर से थाना सुभाषनगर में लकड़ी लूटने व मारपीट के आरोप में तहरीर दी गई है।
इस घटना से गुस्साए नगर निगम के कर्मचारियों ने बगैर सुरक्षा दिलाए सोमवार को अलाव की लकड़ी डालने से साफ इंकार कर दिया। उन लोगों ने कहा है कि जब तक पुलिस साथ नहीं होगी, वे कहीं भी लकड़ी डालने नहीं जाएंगे। इसके चलते भीषण ठंड में सोमवार रात पूरे शहर में कहीं भी अलाव नहीं जले। बता दें कि नगर निगम शहर में 300 से अधिक स्थान पर अलाव जलवा रहा है लेकिन सोमवार को इनमें से कहीं भी लकड़ी नहीं डाली गई।
वर्जन
कर्मचारियों ने मारपीट के चलते लकड़ी डालने से मना कर दिया है। इसके चलते सोमवार को अलाव पर लकड़ी नहीं डाली जा सकी। हमने पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर सुरक्षा देने को कहा है।
- विकास कुरील, एक्सईएन, नगर निगम
लकड़ी लूटी गई, उसके लिए कार्रवाई कराई जाएगी। लेकिन इतनी ठंड के बीच अलाव पर लकड़ी नहीं डालना गलत है। मैं बात करके फौरन ही लकड़ी डलवाने का इंतजाम करता हूं।
- उमेश गौतम, मेयर