रिठौरा। कस्बे में रविवार को आयोजित सत्संग में महिलाओं से सुहाग के प्रतीक चिह्न उतरवा दिए गए। मामले की सूचना जब हिंदूवादी संगठनों को लगी तो उन्होंने एक्स पर शिकायत की। देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी का भी आरोप लगाया। मौके पर पहुंची पुलिस को आयोजक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिखा सके। इसके बाद आयोजन को बंद करा दिया गया।
कस्बे में झलरा पीपल मंदिर के निकट स्थित सामुदायिक भवन में सत्संग का आयोजन किया जा रहा था। यहां पहुंचे एक व्यक्ति ने देखा कि सत्संग में आने वाली महिलाओं से बिंदी, सिंदूर, पैर में पहनने वाली बिछिया सहित अन्य सुहाग के चिह्न उतरवाए जा रहे हैं तो उन्होंने फोटो ले लिए। मामले की जानकारी अपने बेटे को दी। सूचना पर हिंदूवादी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी सक्रिय हो गए।
उन्होंने यह फोटो एक्स पर पोस्ट करते हुए शिकायत की। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने आयोजकों से अनुमति मांगी। न मिलने पर सत्संग बंद करा दिया। चौकी प्रभारी सौरभ यादव ने बताया कि आयोजन के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। धार्मिक सुहाग के चिह्न उतरवाने और धार्मिक टिप्पणी के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।