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Bareilly News: महिलाओं ने घेरा किला उपकेंद्र, हंगामा होता देख भागे अफसर

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बरेली। भीषण गर्मी में बिजली न मिलने से आक्रोशित महिलाओं ने रविवार को किला उपकेंद्र का घेराव किया। नारेबाजी होते देख बिजली अफसर और कर्मचारी द्वार पर अंदर से ताला लगाकर भाग खड़े हुए। इसको लेकर महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया।
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रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे किला उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले मलूकपुर नाला, घेर शूर मिट्ठू, रेती, जसौली समेत अन्य इलाकों की महिलाएं उपकेंद्र पहुंची। महिलाओं को केंद्र पर एकत्र होता देख बिजली कर्मचारी ने उपकेंद्र के मुख्य द्वार पर अंदर से ताला लगा दिया।
महिलाओं ने बताया कि उनके इलाकों में बीते सात दिन से बिजली गुल होने से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली न आने से जलापूर्ति ठप है। अधिकांश लोग दूर-दराज क्षेत्र से पानी लाने के लिए मजबूर हैं।
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फोन रिसीव नहीं करते, शिकायत पर समाधान नहीं
महिलाओं ने बताया कि पहले ही दिन जब कई घंटों तक बिजली नहीं आई तो विभागीय टोल फ्री नंबर पर कई बार कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। केंद्र जाकर शिकायत दर्ज कराई। सात दिन का समय बीतने के बाद भी समस्या जस की तस है। एक दो बार अफसरों ने बात की तो शिकायत सुनने के बाद टालमटोल करते हुए कॉल काट दी।
वर्जन :
मामला संज्ञान में आने के बाद मौके पर अधिशासी अभियंता और एसडीओ को भेजा गया था। आक्रोशित लोगों से बात की गई है। जल्द समस्या का निस्तारण हो जाएगा। - धर्मेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता (शहरी)
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बिजली न आने से परेशान परिवारों ने घर छोड़ा
बरेली। भीषण गर्मी में पिछले सात दिन से बिजली न आने से घर में रुकना मुश्किल है। पानी की आपूर्ति ठप है। बच्चे, बूढ़े और जवान सब बेहाल हैं। समस्या दूर करने की गुहार लगाते लगाते थक गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।
यह दर्द किला बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले मलूकपुर नाला, घेर शेर मट्ठू, रेती, जसौली समेत अन्य मोहल्लों में रहने वाले लोगों का है। जहां बीते सात दिनों से बिजली सप्लाई ठप होने से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

मलूकपुर नाला मोहल्ले में रहने वाले प्रिंस और फैज खान के साथ ही एक अन्य व्यक्ति के घर पर ताला लटका नजर आया। प्रिंस ने बताया कि भीषण गर्मी में बिजली न होने से बच्चे बीमार हो गए, इसके चलते वह बाजार संदल खां निवासी अपने भाई के घर आ गए। फैज खान ने बताया कि बच्चों की तबीयत बार-बार बिगड़ रही थी। इसके चलते रोहली टोला में अपनी बहन के घर आना पड़ा।

यहां के दो हजार से अधिक लोग परेशानी झेल रहे हैं। घरों में लगे इनवर्टर जवाब दे चुके हैं। रातभर अंधेरे और उमस में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। दिन में भी पंखे और कूलर बंद रहने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की हालत बिगड़ रही है। मोहल्ले के लोग गलियों के बाहर हाथ में पंखा लिए समय व्यतीत कर रहे हैं।
बच्चों को हो गया डायरिया

लगातार बिजली गुल होने और भीषण गर्मी के चलते मलूकपुर नाला मोहल्ले में रहने वाले अधिकांश परिवार के बच्चे बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। मोहल्ले के रहने वाले शेरू ने बताया कि उनके परिवार के चार वर्षीय बच्चे समेत तीन की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टर ने बच्चों को डायरिया से ग्रसित बताया।
अंधेरे में गिरकर बुजुर्ग महिलाएं चोटिल
बिजली न होने से रात के समय घरों में पसरा अंधेरा बुजुर्गों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। मलूकपुर नाला निवासी 60 वर्षीय चंदा और 70 वर्षीय अंजुम के पैर में चोट आ चुकी है। फिसलकर गिरने से 60 वर्षीय आशो के कूल्हे में चोट लगी है। शहाना ने बताया कि छत पर जाने के दौरान अंधेरे में फिसलकर सीढ़ियों से गिरने की वजह से उनकी पसलियां टूट गईं।
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बातचीत बिजली न आने से गर्मी और उमस के चलते घर में रहना मुश्किल हो रहा है। बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। - फरीदा

बिजली न आने से पानी की आपूर्ति भी ठप है। कई बार उपकेंद्र पर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - निजामुद्दीन
बिजली न आने से बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। बच्चे को डायरिया हो गया। अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। - परवीन

उपकेंद्र आकर कई बार शिकायत की। लेकिन अधिकारी सिर्फ टालमटोल कर रहे हैं। कोई मौके पर तक नहीं आया। - मो. आदिल
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