गर्भनिरोधक समेत प्रजनन क्षमता वापसी का विकल्प
विशेषज्ञ के मुताबिक पीपीसीयूआईडी, कॉपर-टी का इस्तेमाल बढ़ने की अहम वजह है कि इन साधनों का प्रयोग प्रसव के 48 घंटे बाद ही कर सकते हैं। लंबे समय तक प्रभावी हैं। वहीं, भविष्य में जरूरत पर इसे निकलवाने के तुरंत बाद प्रजनन क्षमता सामान्य हो जाती है। दोनों आधुनिक गर्भ निरोधक के सबसे भरोसेमंद, सुरक्षित तरीकों में से एक है। इनमें कोई हार्मोन नहीं होता। न ही साइड इफेक्ट होते हैं।
जिले की आठ पीएचसी, सौ उपकेंद्र निष्क्रिय
लक्ष्य हासिल करने में स्थिति संतोषजनक है, लेकिन फैमिली प्लानिंग लॉजिस्टिक मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम की रिपोर्ट के तहत बरेली की आठ पीएचसी और सौ स्वास्थ्य उपकेंद्र पर परिवार नियोजन के साधन ही नहीं मंगाए। रिपोर्ट के तहत अन्य कई केंद्रों पर एक बार परिवार नियोजन के साधन पहुंचे, दोबारा नहीं मंगाए। जबकि वेयर हाउस पर सामग्री भरपूर है। लापरवाही से महिलाएं साधनों के प्रयोग से दूर हैं।
प्रभारी एडी हेल्थ डॉ. तेजपाल ने बताया कि परिवार नियोजन के प्रति लोग जागरूक हैं। साधन का इस्तेमाल स्वैच्छिक है। पोर्टल पर रिपोर्टिंग की अनदेखी से रिकॉर्ड प्रभावित हुआ। जिसे सीएमओ ने सीएचओ और चिकित्साधिकारियों से अपडेट करा रहे हैं। कहीं खामी है तो दुरुस्त कराएंगे।