Women Bolin- first ballot, then breakfast
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
‘पहले मतदान, फिर जलपान’ ये अब तक ये सिर्फ कहा और सुना जाता था। महिलाओं ने इस कहावत को सच कर दिखाया। देवचरा, आंवला और फरीदपुर की बहुत सी महिलाएं ऐसी थीं जो घर पर नाश्ता या खाना बनाने से पहले मतदान करने आई थीं। अपना वोट डालकर मतदान केंद्रों से बाहर निकली महिलाओं ने कहा कि ये लोकतंत्र का पर्व है। इसमें हर कोई अपना वोट पहले दे। उसके बाद दूसरा काम करे क्योंकि इससे न केवल हमारा विधायक चुना जाएगा बल्कि वह सरकार भी बनेगी जिसके ऊपर हर किसी का भविष्य टिका होगा।
बिथरी के एक मतदान केंद्र के बाहर अपना वोट डालकर निकलीं श्वेता एमए हैं। बोलीं- हमने अपने परिवार में सबसे कह दिया कि पहले सब वोट डालकर आएंगे। फिर नाश्ता या खाना बनेगा। सब वोट डाल चुके हैं। वह अपना वोट डालने के बाद घर जाकर खाना बनाएंगी। सपना का कहना था कि वह एमए पास हाउस वाइफ हैं। उनकी नौकरी की उम्र तो निकल चुकी है लेकिन ऐसी सरकार चाहिए जो उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा और कैरियर का माहौल उपलब्ध कराए। इसलिए वोट देना जरूरी है। प्रतिभा गोयल ने भी वोट डालना सबसे जरूरी बताया। कहा कि अब तक महिलाएं अपने परिवार के कहने पर वोट डालती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं है। वह अपनी मर्जी से जो सही कंडीडेट होगा, उसको वोट देती हैं। फरीदपुर में किसान इंटर कालेज बूथ पर वोट डालने आई नासरा परवीन, तंजीना, जेबा नाज आदि मुस्लिम महिलाएं बोलीं- उनको भ्रष्टाचार रहित, बिना भेदभाव, विकास और रोजगार देने वाली सरकार चाहिए। इसके लिए वोट डालना जरूरी है।