बरेली। पेराई सत्र 2026-27 के लिए शासन ने गन्ना आपूर्ति एवं कैलेंडरिंग नीति जारी कर किसानों को कई राहतें दी हैं। कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान गन्ना उपायुक्त राजेश मिश्र ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि लघु एवं अति लघु महिला गन्ना किसानों को आपूर्ति में विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से दूसरे पक्ष और पौधा गन्ने की पर्चियां सातवें से आठवें पक्ष में जारी होंगी। यानी महिला किसानों को अधिकतम एक माह के भीतर गन्ना आपूर्ति का अवसर मिलेगा।
90 क्विंटल तक सट्टा रखने वाले दिव्यांग किसानों को 52:48 की व्यवस्था से मुक्त रखते हुए पेड़ी की पर्ची पहले पक्ष और पौधे की सातवें पक्ष में जारी की जाएगी। इससे सामान्य तौर पर 15 दिन के भीतर गन्ना आपूर्ति हो सकेगी। इसके साथ ही 90 क्विंटल तक सट्टा वाले किसान अब लघु किसान माने जाएंगे। पहले बेसिक मोड की नौ पर्चियों की सीमा थी, जिसे बढ़ाकर 10 कर दिया गया है।
ऐसे किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्चियां पहले से तीसरे पक्ष और पौधे की सातवें से नौवें पक्ष में मिलेंगी। ट्रेंच या दोहरी पंक्ति विधि से गन्ना बोने वाले किसानों को सामान्य विधि की तुलना में 15 दिन पहले आपूर्ति का लाभ मिलेगा। केन हार्वेस्टर से कटाई कराने वाले किसानों के लिए गन्ना बाहुल्य जिलों में हार्वेस्टर सेंटर बनाए जाएंगे और किसानों की जरूरत के अनुसार नौ के गुणांक में मनचाही हार्वेस्टर मोड की पर्चियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों, भूतपूर्व सैनिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके विधिक उत्तराधिकारियों को भी गन्ना आपूर्ति में प्राथमिकता मिलेगी। किसान घर बैठे गन्ना सर्वेक्षण, बेसिक कोटा, सट्टा, कैलेंडरिंग और पर्ची निर्गमन समेत आपूर्ति की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे।
पर्ची से 20 फीसदी अधिक गन्ना ताैलाई की सुविधा
किसानों को राहत देते हुए पर्ची पर निर्धारित वजन से 20 प्रतिशत तक अधिक गन्ना तौलने की अनुमति दी गई है। अतिरिक्त गन्ने की उपलब्धता होने पर निशुल्क अतिरिक्त सट्टे की पारदर्शी व्यवस्था भी रहेगी। परिवार की कृषि भूमि एक से अधिक सदस्यों के नाम होने पर आपसी सहमति से एक नामित सदस्य के माध्यम से संयुक्त गन्ना आपूर्ति की जा सकेगी। इसके लिए 50 रुपये के स्टांप पेपर पर सहमति देनी होगी।