बरेली। कोतवाली क्षेत्र में संपत्ति को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के डॉक्टर दंपती के खिलाफ संपत्ति हड़पने के लिए पिता का नाम बदलने का आरोप लगाकर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सिविल लाइंस निवासी राजकरन पुरी के मुताबिक उनके दादा के भाई का नाम सन्मुख पुरी था। वर्ष 2020 में सन्मुख पुरी की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके भतीजे महिपाल पुरी ने खुद को सन्मुख का पुत्र और दत्तक पुत्र बताना शुरू कर दिया। महिपाल पुरी के शैक्षिक कागजातों में उसके पिता का नाम सरदार दुखभजन सिंह पुरी लिखा है। आरोप है कि सन्मुख की संपत्ति को हड़पने के लिए महिपाल पुरी ने ऐसा किया। महिपाल की पत्नी हरमीत पुरी ने खुद को सन्मुख पुरी की पुत्रवधू बताना शुरू कर दिया। कुछ दिन पहले भी इन्हीं डॉक्टर दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इंस्पेक्टर डीके शर्मा ने बताया कि मामले की विवेचना से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
इधर, महिपाल सिंह पुरी ने बताया कि सन्मुख सिंह पुरी मेरे चाचा थे और उनकी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने कोर्ट जाकर कहा कि महिपाल सिंह पुरी मेरे पुत्र जैसा है। मैंने इसे पढ़ाया-लिखाया है और मैं अपनी सारी संपत्ति का उसको वारिस बनाता हूं। उन्होंने लोक अदालत में जाकर यह बयान दिया था जिसकी डिग्री बनी। 2014 में कोर्ट ने उसे सर्टिफाइड किया। राजकरण पुरी फर्जी दस्तावेजों से अधिकारियों को भ्रमित कर रहे हैं।