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बेटी से दुराचार की झूठी रिपोर्ट लिखाकर फंसी महिला

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : demo photo
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बेटी ने अपने बयान में आरोपों को झूठा बताया तो अदालत ने मां के खिलाफ मुकदमा कराया
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गांव के ही एक युवक पर लगाया था बेटी को भगा ले जाने का आरोप

बरेली। गांव के ही एक युवक के खिलाफ बेटी को फुसलाकर भगा ले जाने और उसके साथ दुराचार करने के आरोप में झूठी एफआईआर दर्ज कराकर एक महिला फंस गई। बेटी ने अदालत में अपने बयान में मां के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया। उसने कहा कि वह घर में झगड़ा होने के बाद अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी। उसके साथ दुराचार भी नहीं हुआ। सोमवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनिल कुमार सेठ के आदेश पर महिला के खिलाफ मुकदमा कायम किया गया।
बहेड़ी के एक गांव के इस मामले में 16 सितंबर 2017 को एक महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके गांव का ही एक युवक उसकी बेटी को फुसलाकर भगा ले गया। काफी खोजबीन के बाद उसकी बेटी फरीदपुर में मिली। युवक ने उसकी बेटी के साथ दुराचार भी किया। पुलिस ने महिला की बेटी को जब मेडिकल के लिए भेजा तो उसने मां के आरोपों को गलत बताते हुए कह दिया कि वह अपनी मर्जी से ही युवक के साथ गई थी। उसने उसके साथ कोई गलत काम भी नहीं किया। बाद में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में भी उसने बताया कि घर वालों से लड़ाई होने के बाद वह अपनी मौसी के यहां फरीदपुर चली गई थी। युवक पर उसे भगाने और दुराचार करने का आरोप गलत है। उसने यह भी कहा कि उसकी मां ने युवक के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है।
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इसके बाद पुलिस ने इस मामले में अदालत में फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी। अदालत ने जब मां-बेटी को इस पर आपत्ति के लिए तलब किया तो दोनों ने अदालत में हलफनामा दे दिया कि वे न फाइनल रिपोर्ट पर आपत्ति दाखिल करना चाहती हैं न इस मुकदमे में कोई कानूनी कार्यवाही लिहाजा मुकदमा खत्म कर दिया जाए। अदालत ने इसके बाद पुलिस की ओर से लगाई गई एफ आर को तो मंजूर कर लिया लेकिन झूठी रिपोर्ट लिखाने के आरोप में मां के खिलाफ मुकदमा कायम करा दिया। अब 21 सितंबर को इस मामले में सुनवाई होगी।
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