बरेली। पति के साथ न रखने पर मढ़ीनाथ की रहने वाली एक नवविवाहिता ने सर्किट हाउस में राज्य महिला आयोग की सुनवाई के दौरान रोते हुए हंगामा कर दिया। महिला का आरोप था कि उसका पति उसे साथ नहीं रहना चाहता। हालांकि आयोग की सदस्य ने दोनों पक्ष के घरवालों को बुलाकर समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। आयोग की सदस्य ने महिला को आश्वस्त किया कि उसके साथ ज्यादती हुई तो कड़ी कार्रवाई कराएंगी।
बुधवार को जनसुनवाई के दौरान मढ़ीनाथ में रहने वाली एक नवविवाहिता ने आयोग की सदस्य रश्मि जायसवाल को बताया कि उसकी शादी दिसंबर में ही हुई है। सुसराल और मायका पास ही है। पति और सास ने गलत आरोप लगाकर उसे घर से निकाल दिया है। इस मामले में रश्मि जायसवाल ने नवविवाहिता के पति सहित मायके और सुसराल वालों को बुलाकर काफी समझाने की कोशिश की। शुरूआत में सब तैयार भी थे, लेकिन बाहर निकलते ही पति और उसकी मां ने नवविवाहिता को घर ले जाने से मना कर दिया। नवविवाहिता का कहना है कि चाहे कुछ भी हो, वह पति के साथ ही जाएगी। इस बीच रोते हुए उसने हंगामा कर दिया।जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार ने नवविवाहिता को समझाया कि महिला कल्याण विभाग उसे न्याय दिलाएगा। जनसुनवाई के दौरान बाग ब्रिगटान की दयावती ने रश्मि जायसवाल को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। सूची में नाम आने के बावजूद उसे आवास आवंटित नहीं हुआ है। रश्मि जायसवाल ने पीओ डूडा को बुलाकर महिला को आवास दिलाने के निर्देश दिए। हरूनगला के प्रियंका ने बताया कि वह अपनी मां के साथ रहती है। पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग परेशान करते हैं और गालियां भी देते हैं। पुलिस को शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आयोग की सदस्य ने महिला उत्पीड़न के संबंधित 13 विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
‘आयोग की सुनवाई में पुलिस अफसर ही नहीं, मजाक बना रखा है’
राज्य महिला आयोग की सदस्य का पारा यह देखकर चढ़ गया कि जन सुनवाई के दौरान सर्किट हाउस में कोई बड़ा पुलिस अफसर ही मौजूद नहीं है। जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार से इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए इसकी शिकायत डीएम से करने की बात कही। हालांकि बाद में प्रोबेशन अधिकारी और सिटी मजिस्ट्रेट मदन कुमार ने फोन से उच्चाधिकारियों को इस बारे में अवगत कराने के कुछ देर बाद सीओ सीमा यादव वहां पहुंच गई।