भारत सरकार के स्वच्छता सलाहकार और भारतीय विदेश सेवा के रिटायर अधिकारी राकेश मैत्रेय का मानना है कि गांवों में महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे घटनाओं की बड़ी वजह शौचालय न होना है। उन्होंने कहा कि अगर हम हर घर में शौचालय बनवा पाने में कामयाब रहे तो महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में कमी आएगी।
स्वच्छता को लेकर जागरूकता कार्यक्रम के सिलसिले में यहां आए मैत्रेय ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आज भी गांवों में शौचालयों की जरूरत को लेकर जागरूकता की कमी है। निर्मल भारत अभियान के तहत भारत सरकार ने गांवों में जिन गरीब परिवारों के लिए शौचालयों का निर्माण कराया है, उनमें से ही बहुत सारे परिवार शौचालयों का उपयोग करने के बजाय उनमें उपले आदि भरकर रखते हैं। इसलिए ग्रामीणों को जागरूक करने की बड़ी जरूरत है। हालात यह हैं कि गांव में महिलाएं खेतों में शौच से जाने से बचने के लिए कम खाना खाती हैं, जिससे वह कुपोषण का शिकार होती हैं और प्राय: बीमार रहती हैं। मंगलवार को राकेश मैत्रेय ने दमखोदा ब्लाक कार्यालय में आयोजित हुई कार्यशाला में ग्राम प्रधानों, स्वास्थ्य कर्मियों और पंचायत कर्मियों को ग्रामीणों को शौचालयों की आवश्यकता के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया। बुधवार को वह भुता ब्लाक के जटौआ और दलतपुर गांवों में और बृहस्पतिवार को मझगवां ब्लाक के ढकौरा तथा जलालनगर में खुली सभा करके ग्रामीणों को शौचालयों के इस्तेमाल के प्रति जागरूक करेंगे।